सियालदह- जयनगर गंगासागर एक्सप्रेस में लगी आधुनिक एलएचबी कोचें, अब आरामदायक होगा सफर
सियालदह-जयनगर गंगासागर एक्सप्रेस में अब आधुनिक एलएचबी कोच लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों का सफर अधिक सुरक्षित और आरामदायक होगा। ...और पढ़ें
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गंगासागर एक्सप्रेस में आधुनिक एलएचबी कोच लगाए गए

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राजीव कुमार झा, कोलकाता। कोलकाता के सियालदह से बिहार के मधुबनी जिले के जयनगर के बीच प्रतिदिन चलने वाली 13185/13186 गंगासागर एक्सप्रेस में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार आधुनिक एलएचबी (लिंक हाफमैन बुश) कोचें लगा दी गई हैं।
पुराने आइसीएफ कोचों की जगह अधिक सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक एलएचबी कोचों वाली रेक के साथ गंगासागर एक्सप्रेस ने बुधवार, 12 अगस्त को सियालदह स्टेशन से अपनी पहली यात्रा शुरू की। ट्रेन के आधुनिक रूप को देखकर यात्रियों में भी काफी उत्साह और खुशी देखने को मिली।
इस अवसर पर सियालदह स्टेशन पर पूर्व रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक (पीसीसीएम) डा. उदय शंकर झा सहित रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान सियालदह रेल मंडल की ओर से एलएचबी रेक वाली गंगासागर एक्सप्रेस को फूलों और गुब्बारों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। यात्रियों के बीच भी नए कोचों को लेकर खासा उत्साह रहा।

गंगासागर एक्सप्रेस में आधुनिक एलएचबी कोच लगाए गए
गंगासागर एक्सप्रेस में एलएचबी रेक के शुभारंभ के मौके पर मिथिला विकास परिषद सहित विभिन्न मैथिली संगठनों के प्रतिनिधि भी सियालदह स्टेशन पहुंचे थे। इस अवसर पर मिथिला विकास परिषद की ओर से इस ट्रेन से यात्रा करने वाले सभी यात्रियों के बीच एक-एक लीटर की पेयजल बोतल (रेल नीर) का निशुल्क वितरण किया गया। यात्रियों ने इसके लिए मिथिला परिषद का धन्यवाद किया।
इस खास मौके पर मिथिला विकास परिषद के अध्यक्ष अशोक झा सहित अन्य सदस्यों ने गंगासागर एक्सप्रेस में एलएचबी रेक लगाने में महत्वपूर्ण पहल के लिए पूर्व रेलवे के पीसीसीएम डा. उदय शंकर झा का आभार व्यक्त करते हुए अभिनंदन किया। इस ट्रेन में एलएचबी रेक लगाने में डा. झा की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है।
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अधिक सुरक्षित और आरामदायक होगा सफर
पीसीसीएम डा. उदय शंकर झा ने बताया कि पुराने आइसीएफ कोचों की तुलना में एलएचबी कोच अधिक सुरक्षित और आरामदायक हैं। इनमें यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा। साथ ही यात्रियों के लिए सीटों की उपलब्धता में भी वृद्धि होगी। एलएचबी रेक अधिक गति से चलने में सक्षम होने के साथ बेहतर सुरक्षा सुविधाओं से लैस है।
उन्होंने बताया कि दुर्घटना की स्थिति में एलएचबी कोचों के पलटने और एक-दूसरे पर चढ़ने की संभावना अपेक्षाकृत कम रहती है। राजधानी, शताब्दी और दुरंतो सहित कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों में पहले से ही एलएचबी रेक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
गुरुवार को वापसी यात्रा में भी जयनगर से गंगासागर एक्सप्रेस आधुनिक एलएचबी रेक के साथ सियालदह के लिए रवाना हुई। इससे दोनों दिशाओं में नियमित यात्रियों को आधुनिक कोचों की सुविधा मिलने लगी है।
बड़ी संख्या में मिथिलावासी करते हैं इस ट्रेन से नियमित यात्रा
बताते चलें कि गंगासागर एक्सप्रेस बंगाल में काम करने वाले मिथिला और उत्तर बिहार के लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है। प्रतिदिन चलने वाली यह ट्रेन विशेष रूप से मधुबनी और दरभंगा जिलों सहित मिथिला क्षेत्र के लोगों को कोलकाता से जोड़ती है।
बड़ी संख्या में प्रवासी मिथिलावासी रोजगार और अन्य कार्यों के सिलसिले में इस ट्रेन से नियमित यात्रा करते हैं। ऐसे में आधुनिक एलएचबी कोच लगाए जाने से यात्रियों को सुरक्षित और अधिक आरामदायक सफर की सुविधा मिलने की उम्मीद है।