यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लोकसभा चुनाव से पहले ममता का बड़ा दांव, 21 लाख मनरेगा श्रमिकों को बकाया वेतन जारी करने का किया एलान
Mamata Banerjee on MNREGA workers सीएम ममता बनर्जी ने बड़ा दांव खेला है। मनरेगा का पैसा पाने के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ धरने पर बैठीं सीएम ने अब खुद ...और पढ़ें

HighLights
- लोकसभा चुनाव से पहले बंगाल की मुख्यमंत्री ने की बड़ी घोषणा।
- धरना मंच से ममता ने 21 लाख मनरेगा वंचितों का पैसा 21 फरवरी को देने का एलान किया।
जेएनएन, कोलकाता। Mamata Banerjee on MNREGA लोकसभा चुनाव से पहले बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बड़ा दांव खेला है। मनरेगा का पैसा पाने के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ धरने पर बैठीं सीएम ने अब खुद ही 21 लाख मनरेगा श्रमिकों को बकाया वेतन देने का एलान कर दिया है।
ममता ने कहा कि उनकी सरकार अब केंद्र सरकार की राह नहीं देखेगी और मनरेगा के श्रमिकों को उनका बकाया वेतन देगी।
मनरेगा का बकाया देगी राज्य सरकार
मनरेगा सहित अन्य केंद्रीय योजनाओं के बकाए फंड के भुगतान की मांग को लेकर ममता शुक्रवार से केंद्र सरकार के खिलाफ यहां 48 घंटे के धरने पर बैठीं थी। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को दूसरे दिन धरना मंच से बड़ी घोषणा की। ममता ने कहा कि मनरेगा के जिन 21 लाख वंचित मजदूरों का पैसा बकाया है, 21 फरवरी को उसका भुगतान राज्य सरकार करेगी।
21 फरवरी सीधे खाते में आएंगे पैसे
मुख्यमंत्री ने वादा किया कि 21 फरवरी को उन सभी वंचित श्रमिकों के बैंक खाते में पैसा चला जाएगा। कोलकाता के रेड रोड पर जारी धरना में शामिल होने विभिन्न जिलों से जुटे बड़ी संख्या में मनरेगा श्रमिकों व तृणमूल कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ममता ने कहा कि मैं बार-बार केंद्र सरकार से मनरेगा व अन्य योजनाओं का बकाया पैसा मांग- मांग कर थक गई हूं।
केंद्र सरकार राजनीतिक प्रतिशोध के तहत यह पैसा नहीं देना चाह रही है, लेकिन 21 लाख मजदूरों का पैसा अब राज्य सरकार देगी। ममता की इस घोषणा को लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा कदम माना जा रहा है।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पीएम ग्रामीण आवास योजना के वंचितों के लिए भी राज्य सरकार की तरफ से जल्द बड़ी घोषणा की जाएगी। इसके लिए थोड़े समय की अपेक्षा है।
पीएम मोदी से भी मिल चुकी हैं ममता
ममता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मैं खुद मनरेगा मुद्दे को लेकर तीन बार मिल चुकी हूं। कई बार चिट्ठी भी लिख चुकी हूं। लेकिन इसका कोई भी फर्क केंद्र सरकार पर नहीं पड़ा। देश के तमाम राज्यों का मनरेगा का पैसा दे दिया जा रहा है, लेकिन बंगाल का पैसा नहीं दिया जा रहा है। इसलिए मैंने निर्णय लिया है कि 21 लाख मजदूरों का पैसा मैं उनके बैंक अकाउंट में भेज दूंगी।
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केंद्र पर हमला बोलते हुए ममता ने कहा कि भाजपा ने संवैधानिक ढांचा को भंग कर दिया है। भाजपा आंबेडकर के संविधान को भी नहीं मान रही है। काम करा 100 दिन का काम का पैसा नही दिया गया है। ये लड़ाई जारी रहेगी।