'लोकतंत्र में आलोचना सुनना और जनता की सेवा ही सर्वोपरि', बोले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बंगाल के नए विधायकों से लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया। ...और पढ़ें

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
HighLights
लोकसभा अध्यक्ष ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया।
विधायकों से जनसेवा और सार्थक संवाद को सर्वोपरि रखने का आह्वान।
बंगाल को विकसित भारत 2047 में अग्रणी भूमिका निभाने को प्रेरित किया।
राजीव कुमार झा, कोलकाता। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को जनप्रतिनिधियों से लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने और सदन को सार्थक संवाद का मंच बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि नारेबाजी, व्यवधान और गतिरोध से कोई नेता नहीं बनता। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना सुनना और जनता की सेवा ही सर्वोपरि है।
बंगाल के नवनिर्वाचित विधायकों के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर (प्रबोधन कार्यक्रम) के समापन सत्र को संबोधित करते हुए बिरला ने जनप्रतिनिधियों से जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का आह्वान किया।
ऐतिहासिक बंगाल विधानसभा के सदन में शाम में आयोजित समापन समारोह में उन्होंने कहा कि विधायकों का दायित्व केवल कानून बनाना नहीं, बल्कि आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना और उनके विश्वास पर खरा उतरना भी है।
बिरला ने विधायकों से कहा, मन में जोश रखें, लेकिन काम हमेशा शांत दिमाग से करें। किसी भी सदन का प्रभावी नेता बनने के लिए तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर अपनी बात रखने की क्षमता जरूरी है। बंगाल की जनता ने विधायकों पर विश्वास जताकर उन्हें विधानसभा भेजा है, इसलिए प्रत्येक जनप्रतिनिधि का दायित्व अपने क्षेत्र और पूरे राज्य के विकास के लिए काम करना है।
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बिरला ने कहा कि लोकतंत्र में सरकारों को विपक्ष की आलोचनाओं को भी गंभीरता से सुनना चाहिए। यदि किसी मुद्दे में वास्तविक समस्या हो तो उसका समाधान करना ही लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है। विभिन्न दृष्टिकोणों को सुनने और उन पर सकारात्मक विचार करने से ही प्रभावी समाधान निकलते हैं।
सबसे बड़ी शक्ति जनता का विश्वास
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की सबसे बड़ी शक्ति जनता का विश्वास है। निर्वाचित प्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं, चुनौतियों और अपेक्षाओं को प्रभावी ढंग से सदन में उठाना चाहिए। विधायक केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिनिधि नहीं, बल्कि पूरे राज्य के विकास और भविष्य के सहभागी होते हैं।
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इसलिए उन्हें व्यापक और समावेशी दृष्टिकोण अपनाते हुए ऐसी नीतियों और कानूनों के निर्माण में योगदान देना चाहिए, जो राज्य के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करें। उन्होंने सलाह दी कि जनता के भरोसे पर खरा उतरें और विकास की नई इबारत लिखें।
समापन सत्र में बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, कई राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष सहित बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष रथींद्र बोस, राज्य के अधिकतर मंत्रियों तथा विधायकगण उपस्थित रहे।
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नए विधायकों को सिखाया गया संसदीय व विधायी प्रक्रियाओं का पाठ
लोकसभा सचिवालय के संसदीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) तथा बंगाल विधानसभा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में संसदीय परंपराएं, विधायी प्रक्रिया, समिति प्रणाली, वित्तीय एवं बजटीय प्रक्रिया, कार्यपालिका की जवाबदेही, संसदीय विशेषाधिकार, आचार-नीति तथा डिजिटल विधायी पहलों जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विधायकों को प्रशिक्षण दिया।
राज्य में मई में हुए सत्ता परिवर्तन व भाजपा की सरकार बनने के बाद बंगाल विधानसभा के इतिहास में यह पहली बार है जब नए विधायकों के लिए इस तरह का प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विपक्षी दलों के विधायकों ने भी इसमें हिस्सा लिया।
विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस ने कहा कि ऐसा कोई रिकार्ड नहीं है कि बंगाल में विधायकों के लिए इस तरह का प्रशिक्षण कार्यक्रम पहले कभी आयोजित हुआ है। समापन सत्र को बंगाल व हरियाणा के राज्यपाल ने भी संबोधित किया।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सार्वजनिक जीवन निरंतर सीखने, सेवा करने और स्वयं को बेहतर बनाने की यात्रा है। उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि वे स्वयं को जनसेवा के लिए समर्पित करें और यह सुनिश्चित करें कि शासन का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर अंतिम पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
बंगाल को एक बार फिर राष्ट्र को दिशा देने का दायित्व निभाना चाहिए
बिरला ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का विकास उसके राज्यों के विकास से अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है। बंगाल ने इतिहास में अनेक क्षेत्रों में देश का नेतृत्व और मार्गदर्शन किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बंगाल एक बार फिर भारत की विकास यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाएगा और राष्ट्र को दिशा देने की जिम्मेदारी बखूबी निभाएगा।