'TMC ने कांग्रेस के साथ साजिश रचकर मां- बहनों को दिया धोखा', महिला आरक्षण विधेयक पर पीएम मोदी ने ममता बनर्जी को घेरा
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में चुनावी रैलियों के दौरान टीएमसी और कांग्रेस पर महिला आरक्षण विधेयक गिराने का आरोप लगाते हुए महिलाओं के साथ विश्वा ...और पढ़ें
-1776611174560_m.webp)
पीएम मोदी ने ममता सरकार पर साधा निशाना (फोटो-एएनआइ)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राजीव कुमार झा, कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के गिरने के मुद्दे पर रविवार को टीएमसी, कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों पर हमले तेज करते हुए महिलाओं के साथ विश्वासघात का आरोप लगाया।
बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान से पहले यहां के चुनावी रण में उतरे मोदी ने ताबड़तोड़ चार जनसभाओं को संबोधित करने के क्रम में इस मुद्दे को केंद्र में रखते हुए तीखे प्रहार किए।
पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना
पीएम मोदी ने टीएमसी को निशाने पर लेते हुए कहा कि उसने कांग्रेस के साथ मिलकर इस विधेयक को पारित होने से रोकने की साजिश रचकर मां-बहनों के साथ एक और धोखा (विश्वासघात) किया है। विधानसभा चुनाव में बंगाल की महिलाएं टीएमसी को इसका करारा जवाब व सजा देंगी।
पीएम ने बांकुड़ा जिले के विष्णुपुर, पुरुलिया, झाड़ग्राम व मेदिनीपुर में चार चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा की पहचान ही महिला सशक्तीकरण, उनकी सुरक्षा व सम्मान से जुड़ी है, इसीलिए देश के हर राज्य में बहन-बेटियां भाजपा को सबसे अधिक आशीर्वाद देती हैं।
पीएम ने कहा हम चाहते हैं कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका बढ़े, राजनीति में भी ज्यादा से ज्यादा महिलाएं आएं, लेकिन आपने देखा होगा कि संसद में क्या हुआ। महिलाएं 33 प्रतिशत आरक्षण चाहती थीं। हम चाहते थे कि इसे 2029 चुनाव से ही लागू किया जाए, लेकिन टीएमसी नहीं चाहती थी कि बंगाल की बेटियां ज्यादा संख्या में एमएलए और एमपी बनें क्योंकि यहां की महिलाएं इनके महा जंगलराज को चुनौती दे रही हैं।
खबरें और भी
टीएमसी को महिला विरोधी पार्टी बताते हुए कहा कि इसीलिए उन्होंने कांग्रेस के साथ मिलकर संसद में इस विधेयक का विरोध किया।
घुसपैठियों को लाभ पहुंचाने के लिए हर कानून तोड़ती है टीएमसी
प्रधानमंत्री मोदी ने टीएमसी पर तुष्टीकरण की राजनीति करने और महिलाओं को प्रतिनिधित्व से वंचित रखने का आरोप लगाया। कहा कि यही टीएमसी घुसपैठियों को लाभ पहुंचाने के लिए हर नियम व कानून तोड़ती है, लेकिन महिला सशक्तीकरण का विरोध करती है। यही तृणमूल धर्म के आधार पर आरक्षण देने में लगी है। यह संविधान की भावना का गला घोंट रही है।
पीएम ने तृणमूल पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अपमान करने और आदिवासी समुदायों की चिंताओं के प्रति उदासीन रहने का भी आरोप लगाया। मोदी ने कहा कि भाजपा ने पहली आदिवासी राष्ट्रपति देश को दिए, लेकिन टीएमसी और कांग्रेस दोनों आदिवासी विरोधी हैं और इस समुदाय से नफरत करती है। यही कारण है कि उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मु के खिलाफ उम्मीदवार उतारा था।
जनता को डराने वाली टीएमसी बंगाल टाइगर की दहाड़ से डर गई है
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बंगाल के ये चुनाव ऐतिहासिक हैं, क्योंकि जनता तृणमूल के भय को समाप्त कर भाजपा के भरोसे को जनादेश देगी। मैं बंगाल में जहां भी जाता हूं, हर जनसभा में भीड़, पहले से ज्यादा बड़ी होती जा रही है।
पीएम ने आगे कहा कि यह माहौल निर्मम सरकार के प्रति गुस्से का प्रतीक है। जो टीएमसी अब तक बंगाल की जनता को डराती थी, वह बंगाल टाइगर की दहाड़ से खुद डर गई है। बंगाल टाइगर- बंगाल की जनता है। जनता दहाड़ रही है कि अब नहीं सहेंगे टीएमसी का अत्याचार। निर्मम सरकार को हटाकर रहेंगे।
गुंडों, भ्रष्टाचारियों को पीएम ने सरेंडर करने की चेतावनी दी
प्रधानमंत्री ने इस दौरान पहली बार कहा कि मैं टीएमसी के सभी गुंडों, सिंडिकेट माफिया और भ्रष्टाचारियों को एक आखिरी मौका देता हूं कि वे 23 व 29 अप्रैल को मतदान से पहले अपने-अपने पुलिस थाने में जाकर आत्मसमर्पण कर लें, क्योंकि चार मई को चुनाव नतीजे आने के बाद कोई भी उन्हें बचा नहीं पाएगा।
झाड़ग्राम की रैली में कहा कि 15 साल में निर्मम सरकार ने आपको क्या दिया? आदिवासी क्षेत्रों को क्या मिला? न पढ़ाई, न कमाई, न दवाई और न सिंचाई। यहां सब कुछ बेहाल है। ये लोग अपनी तिजोरियां भरने में लगे हैं।
कई जिले में टीएमसी का खाता तक नहीं खुलेगा
मोदी ने कहा कि टीएमसी का भय-काल जाने वाला है और भाजपा के भरोसे का सेवा काल आने वाला है। मेदिनीपुर की रैली में कहा कि इस बार मैं दावे से कहता हूं कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनना पक्का है। कई जिले ऐसे होंगे जहां से टीएमसी का एक भी विधायक नहीं आएगा।
पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें
- टीएमसी घुसपैठियों की सरकार बनाना चाहती, उसका एजेंडा बहुत खतरनाक
- आज बंगाल पर उसकी पहचान खोने का खतरा मंडरा रहा
- आदिवासियों की सैकड़ों एकड़ भूमि पर टीएमसी के सिंडिकेट में कब्जा कर रखा है
- ये चुनाव बंगाल की पहचान को बचाने की लड़ाई है
- टीएमसी बिजली की लूट में भी लगी है,
- भाजपा सरकार बनने पर चुन- चुन करके लुटेरों का हिसाब किया जाएगा
पीएम के आरोपों पर ममता का पलटवार
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र को गुमराह करने का प्रयास किया है, ईमानदारी से संबोधित करने के बजाय।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि तृणमूल हमेशा महिलाओं को अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की पक्षधर रही है। लोकसभा में हमारे 37.9 प्रतिशत और राज्यसभा में 46 प्रतिशत सदस्य महिलाएं हैं। महिला आरक्षण का विरोध कभी नहीं रहा। हमारा विरोध केवल मोदी सरकार के परिसीमन अभ्यास से है, जिसमें महिलाओं को ढाल बनाकर भाजपा शासित राज्यों को अधिक सीटें देने और संघीय लोकतंत्र पर हमला करने की साजिश है।
ममता ने कहा कि अगली बार वे संसद में खड़े होकर राष्ट्र को संबोधित करें, जहां उन्हें सवालों का सामना करना पड़े और जवाबदेही तय हो। उन्होंने वर्तमान तरीके को कायरता और पाखंड करार दिया।
यह भी पढ़ें- कोलकाता में ED का बड़ा एक्शन, पुलिस अधिकारी और कारोबारी के ठिकानों पर छापेमारी, मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा मामला