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    आरजी कर डॉक्टर दुष्कर्म-हत्याकांड: स्वास्थ्य विभाग करेगा नई जांच, CBI की पड़ताल से असंतुष्ट परिवार

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 08:20 PM (IST)

    आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर की दरिंदगी और हत्या के दो साल बाद, राज्य स्वास्थ्य विभाग ने मामले की अलग से जांच शुरू करने की घोषणा की है। ...और पढ़ें

    आरजी कर दुष्कर्म व हत्या कांड।

    आरजी कर दुष्कर्म व हत्या कांड।

    HighLights

    1. राज्य स्वास्थ्य विभाग आरजी कर डॉक्टर हत्याकांड की अलग जांच करेगा।

    2. सीबीआई जांच से असंतुष्ट परिवार ने नए सिरे से जांच की मांग की।

    3. घटना की रात मौजूद लोगों और कर्मियों से पूछताछ की जाएगी।

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बहुचर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी और हत्या के दो वर्ष बीत गए। आज ही यानी आठ व नौ अगस्त, 2024 की दरमियानी रात को यह जघन्य घटना हुई थी।

    शनिवार को अब राज्य का स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर पर एक पृथक जांच शुरू करने की बात कही है। स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी ने शनिवार को इसकी घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि इस समानांतर जांच के जो भी परिणाम सामने आएंगे, उन्हें सीबीआई के साथ साझा किया जाएगा।

    घटना की बरसी से ठीक पहले आए इस फैसले के तहत, उस मनहूस रात अस्पताल के आपातकालीन विभाग में मौजूद रहे लोगों, चिकित्सा कर्मियों और मृतका के प्राध्यापकों को समन भेजकर पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा, अस्पताल के बुनियादी ढांचे में मौजूद खामियों और उन्हें दूर करने के लिए उठाए गए कदमों की भी समीक्षा की जाएगी।

    उल्लेखनीय है कि 2024 की आठ व नौ अगस्त की रात को इस वीभत्स घटना को अंजाम दिया गया था। मामले की शुरुआत में कोलकाता पुलिस ने मुख्य दोषी संजय राय को गिरफ्तार किया था। बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर जांच सीबीआई को सौंपी गई, जिसके बाद सियालदह अदालत ने संजय राय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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    हालांकि, मृतका का परिवार और उच्च न्यायालय दोनों ही केंद्रीय एजेंसी की जांच से संतुष्ट नहीं दिखे। हाल ही में अदालत ने माना कि सीबीआई की नई विशेष जांच दल (एसआईटी) पुरानी जांच से प्रभावित प्रतीत हो रही है।

    सुनवाई के दौरान मृतका के परिवार ने मांग की है कि घटना की रात मृतका के साथ रात्रि में खाना खाने के दौरान चार जूनियर डॉक्टरों और तत्कालीन प्रिंसिपल संदीप घोष के बीच कथित संबंधों की गहराई से जांच होनी चाहिए।

    परिवार ने जूनियर डॉक्टर सौमित्र राय समेत अन्य संदिग्ग्धों से पूछताछ और गिरफ्तारी की मांग उठाई है। अब सियासी फेरबदल के बाद राज्य स्वास्थ्य विभाग के इस स्वतंत्र जांच के कदम को काफी अहम माना जा रहा है। देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग की यह आंतरिक जांच इस जटिल और संवेदनशील मामले की परतों को खोलने में कितनी मददगार साबित होती है।