सिलीगुड़ी में ऑन-ड्यूटी नशे में धुत मिला कर्मचारी, सफाई व्यवस्था की खुली पोल, कमिश्नर ने सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
सिलीगुड़ी में कमिश्नर के औचक निरीक्षण में सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई, जहां नालों की सफाई और कचरा उठाने में लापरवाही सामने आई।
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सिलीगुड़ी में साफ-सफाई का जायजा लेते कमिश्नर (जागरण)
HighLights
कमिश्नर के औचक निरीक्षण में सिलीगुड़ी की सफाई व्यवस्था की पोल खुली।
शराब के नशे में मिले कर्मचारी पर कार्रवाई, अतिक्रमण भी हटाया गया।
लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई और गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना।
जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी। सफाई परिसेवा को लेकर मंगलवार सुबह शहर में चरम अव्यवस्था सामने आई। सेवक रोड पर नगर निगम का एक कर्मचारी शराब के नशे में मिला।
नगर निगम आयुक्त वीर विक्रम राई ने उसे पुलिस के हवाले करते हुए ब्रेथ एनालिसिस टेस्ट कराने का निर्देश दिया। शराब की पुष्टि होने पर गिरफ्तार करने को भी कहा गया।
सफाई व्यवस्था की खुली पोल
वहीं, सुबह सरप्राइज विजिट पर निकले आयुक्त से हैदरपाड़ा घुगनी मोड़ इलाके के लोगों ने नालों की सफाई नहीं होने और नियमित कचरा नहीं उठने की शिकायत की। निरीक्षण के दौरान नगर निगम और बोरो के बीच समन्वय का अभाव भी सामने आया।
पूर्व सूचना के बावजूद पांच नंबर बोरो के अधिकारी और वार्ड सुपरवाइजर मौके पर मौजूद नहीं थे। इस पर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इस दिन सुबह सेवक रोड के डान बास्को मोड़ से अभियान की शुरुआत की गई। हाइड्रेंट के ऊपर अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की ओर से बुलडोजर चलाया गया।
पीसी मित्तल बस स्टैंड संलग्न सड़क पर कब्जा कर तैयार किए गए पार्क को भी जेसीबी लगाकर तोड़ दिया गया। लोगों के अनुरोध के बाद नाले पर तैयार दुकानों को दो दिनों के भीतर हटाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
सेवक रोड पर एक भवन व पेट्रोल पंप पर कचरा फैलाने के आरोप में जुर्माना भी लगाया गया। पंजाबीपाड़ा व हैदरपाड़ा इलाके में भी घूम-घूमकर नगर निगम के कमिश्नर ने सफाई व्यवस्था का जायजा लिया।

सेवक रोड व हैदरपाड़ा इलाके में हाइड्रेंट तथा सड़क पर कचरा फैलाने वाले दुकानदारों को स्पाट फाइन किया गया। साफ-सफाई को लेकर लोगों ने सिलीगुड़ी नगर निगम की भूमिका की जमकर आलोचना की।
हैदरपाड़ा घुगनी मोड़ निवासी संतोष शाह ने आरोप लगाया कि 6 महीने में एक बार हाइड्रेंट की सफाई होती है। बारिश के बाद हाइड्रेंट का पानी ओवरफ्लो होकर लोगों के घरों में घुसने लगता है।
नाले की दुर्गंध तथा शाम को मच्छरों के प्रकोप से घर में रहना मुश्किल हो जाता है। नियमित कचरा उठाने वाला वाहन भी नहीं आता है।
कमिश्नर ने दिए निर्देश
कमिश्नर वीर विक्रम राई ने समस्या को स्वीकार करते हुए बताया कि लंबे वक्त से कंजर्वेंसी को लेकर शिकायत आ रही थी। नगर निगम की ओर से तीन टीमों का गठन कर शहर के विभिन्न इलाकों में सरप्राइज विजिट किए जा रहे हैं। सफाई करवाने के साथ कचरा फेंकने वालों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है।
वार्ड सुपरवाइजर तथा सफाई कर्मियों की भूमिका से भी कमिश्नर नाखुश नजर आए। सफाई कर्मियों की जो उपस्थिति होनी चाहिए थी, वह उन्हें नहीं मिली। समन्वय में कमी को लेकर कमिश्नर ने कहा कि पांच नंबर बोरो के अधिकारी को पहले ही इसकी जानकारी दे दी गई थी, उन्हें उपस्थित होना चाहिए था। लेकिन वह नहीं थे।
बोरो अधिकारी व सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन दोनों को शोकाज करने का निर्देश दिया गया है। अभियान के दौरान शहर में गैरकानूनी होर्डिंग भी चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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