बंगाल में 2021 विधानसभा चुनाव हिंसा के मामले में TMC का एक और नेता गिरफ्तार
पुलिस ने पूर्व मंत्री सुजीत बोस के करीबी तृणमूल पार्षद टिंकू वर्मा को 2021 विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के आरोप में गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें
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TMC का एक और नेता गिरफ्तार (फोटो-पीटीआई)
HighLights
तृणमूल पार्षद टिंकू वर्मा 2021 हिंसा मामले में गिरफ्तार।
अन्य पार्षदों की गिरफ्तारी के बाद यह नई कार्रवाई।
एक तृणमूल पार्षद संजय दास ने की आत्महत्या।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। पुलिस ने पूर्व मंत्री सुजीत बोस के करीबी माने जाने वाले एक और तृणमूल पार्षद टिंकू वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है।
टिंकू दमदम नगरपालिका के 35 नंबर वार्ड के पार्षद हैं। उनपर 2021 के विधानसभा चुनाव बाद हुई हिंसा की घटनाओं में लिप्त होने का आरोप है। लेकटाउन थाने में उनके खिलाफ कुछ दिन पहले शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की थी।
मालूम हो कि कुछ दिन पहले सुजीत के करीबी माने जाने वाले विधाननगर नगर निगम के 34 नंबर वार्ड के पार्षद रंजन पोद्दार को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर बस मालिकों और कर्मचारियों से अवैध वसूली का आरोप है।
इससे पहले विधाननगर के 26 नंबर वार्ड के तृणमूल पार्षद सुशोभन मंडल उर्फ माइकल को भी रंगदारी वसूलने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
नानूर में तृणमूल कार्यकर्ताओं के घरों पर बमबाजी
बीरभूम जिले के नानूर इलाके में कई तृणमूल कार्यकर्ताओं के घरों को निशाना बनाकर बमबाजी किए जाने का आरोप लगा है। जिन नेताओं के घरों पर हमला हुआ, वे सभी विधायक काजल शेख के करीबी माने जाते हैं। सीसीटीवी फुटेज में कुछ लोगों को बम फेंककर भागते हुए देखा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात करीब 11 बजे नानूर के थुपसारा क्षेत्र के ताखोरा गांव में तृणमूल कार्यकर्ता बाप्पा चौधरी, आलो चौधरी, राहुल शेख, शेख फिरोज, शेख नाजिर और अबुल हुसैन शेख के घरों को निशाना बनाकर बम फेंके गए।
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स्थानीय लोगों के मुताबिक 10 से 15 मिनट के भीतर 30 से 40 बम फेंके गए। स्थानीय तृणमूल कार्यकर्ता आरिफ अली ने आरोप लगाया कि हमलावर पहले रंगदारी वसूलते थे। भ्रष्टाचार के कारण उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था। अब वे खुद को भाजपा से जुड़ा बताते हैं।
तृणमूल पार्षद का फंदे से झूलता शव बरामद
दक्षिण दमदम नगरपालिका के 18 नंबर वार्ड के तृणमूल पार्षद संजय दास का फंदे से झूलता शव शनिवार सुबह उनके घर से बरामद हुआ।
बताया जा रहा है कि लगातार हो रही गिरफ्तारियों से वह मानसिक अवसाद में थे और इसी से उन्होंने आत्महत्या कर ली। संजय दास तृणमूल नेता देबराज चक्रवर्ती के करीबी माने जाते थे। देबराज पूर्व तृणमूल विधायक अदिती मुंशी के पति हैं।
वहीं स्थानीय कुछ नेताओं का आरोप है कि सरकार बदलने के बाद भाजपा में शामिल हुए कुछ लोग शुक्रवार रात उनके घर पहुंचे थे और एक कार्यक्रम के लिए 10 लाख रुपये की मांग की थी। इसी से दबाव में आकर शनिवार सुबह उन्होंने आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूर्व विधायक अदिति मुंशी अस्पताल पहुंचीं।