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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    मुर्शिदाबाद हिंसा: 'BSF की मिलीभगत से रची गई थी साजिश', TMC नेता कुणाल घोष का बड़ा आरोप

    Updated: Mon, 14 Apr 2025 07:00 AM (IST)

    मुर्शिदाबाद में वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा ने राजनीतिक घमासान छेड़ दिया है। TMC नेता कुणाल घोष ने इसे केंद्र और बीएसएफ की ...और पढ़ें

    मुर्शिदाबाद हिंसा पर TMC का आरोप: “BSF की मिलीभगत से रची गई गहरी साजिश”। (फोटो सोर्स- एएनआई)
    मुर्शिदाबाद हिंसा पर TMC का आरोप: “BSF की मिलीभगत से रची गई गहरी साजिश”। (फोटो सोर्स- एएनआई)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुर्शिदाबाद में वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ भड़की हिंसा पर अब सियासी घमासान तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता कुणाल घोष ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि इस हिंसा के पीछे एक बड़ी साजिश है, जिसमें कुछ केंद्रीय एजेंसियों, बीएसएफ के एक हिस्से और दो-तीन राजनीतिक दलों की भूमिका संदिग्ध है।

    घोष ने आरोप लगाया कि "बीएसएफ के एक हिस्से की मदद से सीमा में जानबूझकर गैप छोड़ा गया, जिससे कुछ बाहरी उपद्रवी पश्चिम बंगाल में दाखिल हुए, उत्पात मचाया और फिर सुरक्षित लौट भी गए।"

    उन्होंने कहा कि ये सारे घटनाक्रम यह संकेत देते हैं कि पश्चिम बंगाल को बदनाम करने और राज्य में अशांति फैलाने की गहरी साजिश रची गई है।

    कुणाल घोष का बीजेपी पर निशाना

    कुणाल घोष ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर हमला बोलते हुए कहा कि “बीजेपी की सोशल मीडिया पोस्ट में जो तस्वीरें साझा की गई हैं, उनमें से कई बंगाल की नहीं बल्कि अन्य राज्यों की हैं। इसका उद्देश्य बंगाल की जनता को भड़काना और राजनीतिक लाभ उठाना है। लेकिन ममता बनर्जी के नेतृत्व में TMC इस साजिश का डटकर मुकाबला कर रही है।”

    क्या है पूरा मामला?

    बता दें कि मुर्शिदाबाद जिले के मुस्लिम बहुल इलाकों में वक्फ संशोधन कानून के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई थी। अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक हिंदू घरों को जला दिया गया, महिलाओं के साथ छेड़खानी और बीएसएफ पर फायरिंग की घटनाएं सामने आई हैं। अब तक करीब 150 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

    पलायन और भय का माहौल

    हिंसा के बाद करीब 500 हिंदू परिवारों ने पलायन किया है। कुछ ने भागीरथी नदी पार कर मालदा में शरण ली, तो कई झारखंड भी चले गए हैं। फरक्का से TMC विधायक मनिरुल इस्लाम के भी पलायन की खबरें हैं।

    खबरें और भी

    घटनाओं को देखते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर केंद्रीय बलों की 17 कंपनियां तैनात की गई हैं, जिनमें बीएसएफ की 9 और सीआरपीएफ की 8 कंपनियां शामिल हैं। उधर, बीजेपी सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर AFSPA लागू करने की मांग की है।

    जांच की उठी मांग

    घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने NIA से जांच की मांग की है। वहीं, कांग्रेस सांसद ईशाखान चौधरी ने शांति बहाली के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की बात कही है। 

    (एएनआई इनपुट के साथ)

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