बंगाल चुनावी हिंसा मामले में टीएमसी सांसद माला रॉय को मिली जमानत, भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट का आरोप
टीएमसी सांसद माला राय ने चुनाव नतीजों के दिन हुई हिंसा के मामले में कोलकाता की अदालत में आत्मसमर्पण किया। ...और पढ़ें

HighLights
टीएमसी सांसद माला रॉय ने अदालत में आत्मसमर्पण किया।
चुनाव नतीजों के दिन हिंसा के आरोप में जमानत मिली।
माला य के बेटे और 22 अन्य भी जमानत पर।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के दिन भड़की हिंसा के मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद माला रॉय ने बुधवार को कोलकाता की एक अदालत में आत्मसमर्पण किया।
कोलकाता दक्षिण से सांसद, पार्षद और कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की चेयरपर्सन माला रॉय पर आरोप था कि उन्होंने नतीजों के दिन भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और अभद्रता की थी। कोर्ट में आत्मसमर्पण के बाद अदालत ने माला रॉय, उनके बेटे अनिर्बान और अन्य 22 आरोपितों को जमानत दे दी।
मामले की जानकारी देते हुए माला रॉय के वकील दिब्येंदु भट्टाचार्य ने बताया, 'रॉय, उनके बेटे और अन्य सहयोगियों के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित हैं। चार मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद एक भाजपाकार्यकर्ता की शिकायत पर टालीगंज थाने में यह झूठी एफआइआर दर्ज कराई गई थी।''
शिकायत के मुताबिक, चार मई की शाम करीब छह बजे जब चुनाव के नतीजे साफ हो चुके थे, तब माला रॉय, उनके बेटे और उनके समर्थकों ने कथित तौर पर आग्नेयास्त्रों और धारदार हथियारों के साथ दक्षिण कोलकाता के साधु ताराचरण रोड पर भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला किया था।
आरोप यह भी था कि एक आरोपित ने भाजपा की महिला कार्यकर्ता के साथ बदसलूकी की थी। इस मामले में पुलिस पहले ही एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि सांसद माला रॉय और उनके बेटे समेत बाकी आरोपितों ने बुधवार को अलीपुर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत में आत्मसमर्पण कर जमानत हासिल कर ली।
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