विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बंगाल में लगातार 24 घंटे ड्यूटी के बाद डॉक्टरों को अगले दिन छुट्टी, ड्यूटी के दौरान प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक

Published: Wed, 20 May 2026 07:55 PM (IST)

बंगाल सरकार ने सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की ड्यूटी के दौरान प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगाते हुए कड़े निर्देश जारी किए हैं।

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाती दिख रही है। स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी के दौरान डॉक्टरों की अनुपस्थिति और प्राइवेट प्रैक्टिस की शिकायतों पर कड़ा कदम उठाया है।

अब प्रत्येक अस्पताल को हर महीने की 25 तारीख तक डॉक्टरों का अगले महीने का ड्यूटी रोस्टर स्वास्थ्य भवन को भेजना होगा। रोस्टर के अनुसार ड्यूटी के समय अस्पताल में संबंधित डॉक्टर नहीं मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

केवल डॉक्टर ही नहीं, बल्कि नर्स, स्वास्थ्यकर्मी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए भी बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य होगी। अस्पतालों में कर्मचारियों की अनुपस्थिति और हाजिरी में कारगुजारी रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

गत दिनों स्वास्थ्य भवन में कोलकाता के पांच बड़े सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के अधीक्षकों तथा अध्यक्षों के साथ उच्चस्तरीय बैठक हुई।

बैठक में नीलरतन सरकार मेडिकल कॉलेज, एसएसकेएम अस्पताल, नेशनल मेडिकल कॉलेज, कलकत्ता मेडिकल कॉलेज और आरजी कर मेडिकल कॉलेज के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में निर्णय लिया गया कि इमरजेंसी विभाग में आने वाले मरीजों और उनके स्वजनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी सरकारी अस्पतालों के आपातकालीन विभाग में 24 घंटे निगरानी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों की निगरानी सीधे स्वास्थ्य भवन से की जाएगी। अस्पताल प्रशासन का इन कैमरों पर कोई नियंत्रण नहीं रहेगा।

लगातार 24 घंटे ड्यूटी के बाद अगले दिन अवकाश

नई व्यवस्था के तहत हर अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में एक अतिरिक्त असिस्टेंट प्रोफेसर स्तर के डॉक्टर और एक अन्य चिकित्सक की 24 घंटे तैनाती रहेगी। लगातार 24 घंटे ड्यूटी के बाद संबंधित डॉक्टर को अगले दिन अवकाश दिया जाएगा।

सरकारी मेडिकल कॉलेजों के मुर्दाघर में शव ले जाने के नाम पर पैसे लेने की शिकायतों को भी गंभीरता से लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अस्पताल परिसरों में हर सप्ताह सिविल ड्रेस में पुलिस की गश्त भी होगी।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा पहले घोषित योजना के अनुसार अब डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सरकारी स्टांप वाला अलग पहचान पत्र भी अनिवार्य किया जाएगा। बिना पहचान पत्र के वार्ड में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

यह भी पढ़ें- ममता ने छीना लोकसभा में पद तो केंद्र सरकार ने दी सुरक्षा, TMC सांसद काकोली घोष को मिली Y कैटेगरी सिक्योरिटी

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।