TMC में बगावत के बीच सायोनी घोष भी पहुंचीं दिल्ली, भूपेंद्र यादव के आवास पर बनेगी 'रणनीति'
बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी संकट गहरा गया है, जादवपुर सांसद सायोनी घोष भी दिल्ली पहुंचीं पर टिप्पणी से इनकार किया। ...और पढ़ें

सायोनी घोष पहुंची दिल्ली (फोटो-पीटीआई)
HighLights
सायोनी घोष दिल्ली पहुंचीं, टीएमसी बगावत पर चुप्पी साधी।
बागी सांसद लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर अलग बैठने की मांग करेंगे।
सुदीप बंद्योपाध्याय की केंद्रीय मंत्री से मुलाकात ने विवाद बढ़ाया।
राजीव कुमार झा, कोलकाता। बंगाल विधानसभा में चुनाव में करारी हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस में जारी अंदरूनी संकट और गहरा गया है।
पार्टी की जादवपुर से सांसद सायोनी घोष भी रविवार को नई दिल्ली पहुंचीं, लेकिन पार्टी में चल रही बगावत पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
TMC के बागी सांसद पहुंचे दिल्ली
दिल्ली एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में सायोनी घोष ने कहा, 'मैं अभी कुछ नहीं कहूंगी। सही समय आने पर ही बोलूंगी।' सायोनी के भी पार्टी के बागी सांसदों के समूह के साथ जाने की खबर है।
इसी बीच टीएमसी की एक अन्य सांसद माला राय भी रविवार को दिल्ली पहुंचीं। उनका दिल्ली पहुंचना इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सोमवार को बागी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलने वाला है। माना जा रहा है कि यह समूह लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग कर सकता है।
सुदीप बंद्योपाध्याय ने भूपेंद्र यादव से की मुलाकात
शनिवार को वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने भी दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर बागी सांसद शताब्दी राय के साथ मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद पार्टी के भीतर विवाद और बढ़ गया।
कृष्णानगर से सांसद महुआ मोइत्रा ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया कि सुदीप बंद्योपाध्याय ने पार्टी को बताया था कि वह पेट की बीमारी के कारण कोलकाता के अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन अचानक उन्हें दिल्ली में केंद्रीय मंत्री के घर देखा गया।
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सूत्रों के अनुसार, सुदीप बंद्योपाध्याय के बागी खेमे में शामिल होने से अब बागी सांसदों की संख्या टीएमसी के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 तक पहुंच सकती है।
बागी गुट का दावा है कि उनके पास दो-तिहाई बहुमत है, जिसके आधार पर वे दल-बदल कानून के तहत संसद में अलग समूह के रूप में मान्यता मांग सकते हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व इस दावे को मानने को तैयार नहीं है।