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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    West Bengal: 15 साल पहले लापता हुई बंगाल की किशोरी राजस्थान में मिली, अब है तीन बच्चों की मां

    By Jagran NewsEdited By: Mahen Khanna
    Updated: Sun, 10 Sep 2023 04:06 PM (IST)

    West Bengal News बंगाल की महिला जब किशोरी थी तब लापता हो गई थी। अब वह लगभग 27 साल की है और तीन बच्चों की मां है। महिला राजस्थान के करौली जिले के पटोना ...और पढ़ें

    West Bengal News बंगाल की लापता महिला मिली।
    West Bengal News बंगाल की लापता महिला मिली।

    HighLights

    1. दिल्ली में काम करते वक्त हो गई थी लापता, राजस्थान के करौली में रहती है महिला।
    2. उत्तर 24 परगना जिले के मीनाखां इलाके में परिवार का पता लगा।
    3. निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर रोती हुई मिली।

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। करीब 15 साल पहले लापता हुई बंगाल की एक महिला यहां एक रेडियो क्लब के प्रयासों की बदौलत राजस्थान में मिली। ऐसा बताया जा रहा है कि महिला जब किशोरी थी, उस समय वह लापता हो गई थी। अब वह लगभग 27 साल की है। अब वह राजस्थान के करौली जिले के पटोना गांव में रहती है और उसने एक हिंदू व्यक्ति से शादी कर ली है। वह तीन बच्चों की मां है।

    पश्चिम बंगाल रेडियो क्लब के सचिव अंबरीश नाग बिस्वास ने बताया कि हाल में उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया था। उन्होंने बताया कि उक्त व्यक्ति ने खुद को पत्रकार बताते हुए कहा कि एक महिला अपने पिता से बात करना चाहती है।

    बिस्वास ने कहा कि उस व्यक्ति के पास महिला का फोन आया था और उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए, इसलिए उसने रेडियो क्लब से मदद मांगी। उन्होंने कहा कि रेडियो क्लब के सदस्य हरकत में आए। उन्होंने महिला से फोन पर बात की और पता लगाया कि वह किस जगह से बात कर रही है। हमने अपने सभी सदस्यों को उसके गांव संबंधी उस जानकारी के बारे में बताया जो नजमुनार खातून (अब रूपा मंडल) नाम की महिला ने अपने पिता के नाम के साथ पत्रकार को दी थी।

    उत्तर 24 परगना में उसके परिवार का पता लगा 

    अंबरीश नाग ने कहा कि हमने उत्तर 24 परगना जिले के मीनाखां इलाके में उसके परिवार का पता लगा लिया। इसके बाद रेडियो क्लब के सदस्यों ने महिला की तस्वीर उसके परिवार वालों को भेजी और वीडियो काल के जरिए उनकी बात कराई।

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    महिला के पिता जाकिर तरफदार ने कहा कि उनके परिवार को इस बात से कोई परेशानी नहीं है कि मेरी बेटी ने एक हिंदू व्यक्ति से शादी की है। मुझे खुशी है कि मेरी बेटी जीवित है और उसका एक परिवार है। हम उससे मिलने जाएंगे। हम यात्रा की व्यवस्था कर रहे हैं। तरफदार ने कहा कि उसे यह नहीं पता कि उसकी बेटी नयी दिल्ली में काम करते वक्त कैसे लापता हो गई। मैं यह नहीं कह सकता कि मेरी बेटी तस्करी का शिकार हुई थी या नहीं।

    निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर रोती हुई मिली

    पश्चिम बंगाल में रेडियो क्लब के सदस्यों ने राजस्थान में अपने समकक्षों से संपर्क किया और महिला एवं उसके पति के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए स्थानीय महाबीरजी पुलिस थाने से मदद मांगी। महिला के पति योगेश कुमार नाहरवाल ने कहा कि उसे तरफदार की बेटी लगभग 12 साल पहले नयी दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर रोती हुई मिली थी।

    उस वक्त वह यह नहीं बता पायी थी कि वह कहां की रहने वाली है। बाद में वह उसके साथ राजस्थान चली गई। नाहरवाल ने कहा कि मैंने और मेरी मां ने उसका ख्याल रखा। मैंने अपनी मां के कहने पर उससे शादी की। अब हमारे तीन बच्चे हैं। मैं एक साधारण आदमी हूं, मेरे पास जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा है, जहां मैं खेती करता हूं। मैं एक ठेकेदार भी हूं।