West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में वोटिंग के टूटे सारे रिकॉर्ड, पहले चरण में 92.86% हुआ मतदान
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर रिकॉर्ड 92.86% शांतिपूर्ण मतदान हुआ, जो 2021 की तुलना में काफी अधिक है।
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पश्चिम बंगाल में पहले चरण में रिकॉर्ड वोटिंग(फोटो: एएनआई)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। चुनावी हिंसा के लिए दशकों से कुख्यात बंगाल में इस बार बिल्कुल उलट नजारा दिखा। विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत गुरुवार को राज्य के 16 जिलों की 152 सीटों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हुआ। विशेष गहन पुनरीक्षण (एफआईआर) की लंबी प्रक्रिया के बाद हुए इस पहले मतदान को लेकर हरेक वर्ग का भारी उत्साह देखने को मिला।
मतदान केंद्रों पर अभूतपूर्व सुरक्षा बंदोबस्त के बीच युवाओं से लेकर वरिष्ठजनों तक सबने वोट डाला। महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली। विभिन्न राज्यों से लौटे प्रवासी श्रमिकों ने भी अच्छी संख्या में मतदान किया। बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के अनुसार रात 12 बजे तक 92.86% प्रतिशत वोट पड़े हैं, जो 2021 की तुलना में 10 प्रतिशत से भी अधिक है।
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अंतिम आंकड़ा बढ़ने की संभावना
चूंकि विभिन्न मतदान केंद्रों में शाम छह बजे के बाद भी मतदाताओं की कतारें लगी थीं, इसलिए अंतिम आंकड़ा बढ़ सकता है। शाम छह बजे तक दक्षिण दिनाजपुर में 94.87 प्रतिशत व कूचबिहार में 94.58 प्रतिशत प्रतिशत वोट पड़े। बंगाल की सबसे हाट सीट में से एक नंदीग्राम में 91.87 प्रतिशत मतदान हुआ। मालूम हो कि 2021 के विस चुनाव में इन 16 सीटों पर 81.46 प्रतिशत वोट पड़े थे।
चुनावी विश्लेषक बंपर वोटिंग के दो महत्वपूर्ण कारण एसआइआर का असर व सुरक्षा की भावना बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसआइआर के बाद लोग वोट देने को लेकर और सजग हुए हैं, वहीं बहुतों ने सूची से नाम कटने की आशंका से मतदान किया है। चुनाव आयोग की ओर से इस बार की गई अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था से भी वोट प्रतिशत बढ़ा है।
मालूम हो कि पहले चरण के लिए केंद्रीय बलों की 2407 कंपनी, 2193 क्विक रिस्पांस टीम व 40,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। सुबह सात बजे मतदान शुरू होने के साथ ही बूथों पर भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।
इस दिन कई जिलों में तापमान 40 डिग्री पर पहुंच गया था, लेकिन लोगों के उत्साह को पिघला नहीं पाया। लोग धूप, तपिश व उमस को धता बताकर मतदान केंद्रों पर पहुंचे।
छिटपुट घटनाओं से नहीं छूटा पीछा
मतदान के दौरान कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं होने पर भी छिटपुट घटनाएं जरूर हुईं। बीरभूम जिले के दुबराजपुर विस क्षेत्र के खयरासोल में केंद्रीय बलों पर कुछ लोगों ने पथराव किया। इसमें छह जवान घायल हो गए। उन्होंने पुलिस के वाहन में भी तोडफ़ोड़ की। वहीं दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुमारगंज में भाजपा प्रत्याशी को पीटने के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
आसनसोल दक्षिण से भाजपा प्रत्याशी अग्निमित्रा पाल की गाड़ी पर कुछ लोगों ने हमला किया। बीरभूम के लाभपुर व मालदा के चांचल इलाकों में भाजपा के पोलिंग एजेंट पर कुछ लोगों ने हमला किया। आरोप तृणमूल समर्थकों पर लगा है। मुर्शिदाबाद जिले के नउदा विस क्षेत्र में बुधवार रात कुछ लोगों ने बमबाजी की। तृणमूल कांग्रेस सांसद अबू ताहेर खान ने इसके पीछे हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी के लोगों का हाथ बताया है।
घटना को लेकर गुरुवार सुबह तृणमूल व हुमायूं की पार्टी के समर्थकों में संघर्ष हुआ। चुनाव आयोग ने घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। मतदान के दौरान चुनाव आयोग के पास 1,000 से अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं।

अस्वस्थ होने से चार मतदाताओं की मौत
मतदान चलने के दौरान अस्वस्थ होने के चार लोगों की मौत हो गई। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के केशपुर में वोट डालकर घर लौटे शेख बाबलू (66) अचानक अस्वस्थ हो गए। अस्पताल ले जाने पर उनकी मौत हो गई। केशपुर की ही इसरातन बीबी की भी अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई।
मालदा के मालतीपुर में एक महिला की मतदान केंद्र में तबीयत बिगड़ जाने से मौत हो गई। वहीं बीरभूम के सिउड़ी में वोट देते जाते वक्त असीम राय नामक व्यक्ति की अस्वस्थ होने से मौत हो गई।

ईवीएम में कैद हुई कई दिग्गजों की सियासी किस्मत
पहले चरण का मतदान संपन्न होने के साथ कई दिग्गजों की सियासी किस्मत इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में कैद हो गई हैं। इनमें नंदीग्राम में भाजपा के सुवेंदु अधिकारी, बहरमपुर से कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी, खड़गपुर सदर से भाजपा के दिलीप घोष, सिलीगुड़ी से तृणमूल के गौतम देब व भाजपा के शंकर घोष, दिनहाटा से तृणमूल के उदयन गुहा, मालतीपुर से कांग्रेस की मौसम बेनजीर नूर, मयना से भाजपा के अशोक डिंडा, नउदा व रेजीनगर से आम जनता उन्नयन पार्टी के हुमायूं कबीर व माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी से कांग्रेस के शंकर मालाकार उल्लेखनीय हैं।
बंगाल विधानसभा चुनाव मतदान प्रतिशत
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: प्रथम चरण मतदान प्रतिशत
| जिला | मतदान प्रतिशत (%) |
|---|---|
| कूचबिहार (सबसे अधिक) | 96.00 % |
| दक्षिण दिनाजपुर | 95.44 % |
| जलपाईगुड़ी | 94.63 % |
| बीरभूम | 94.51 % |
| मालदा | 94.43 % |
| उत्तर दिनाजपुर | 94.15 % |
| मुर्शिदाबाद | 93.58 % |
| अलीपुरद्वार | 92.69 % |
| झारग्राम | 92.26 % |
| पश्चिम मेदिनीपुर | 92.18 % |
| बांकुड़ा | 92.10 % |
| पूर्व मेदिनीपुर | 91.20 % |
| पुरुलिया | 90.91 % |
| पश्चिम बर्द्धमान | 90.33 % |
| दार्जीलिंग | 88.80 % |
| कालिम्पोंग (सबसे कम) | 83.07 % |
| कुल औसत मतदान (रात 11:50 बजे तक) | 92.86 % |
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