Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    26 अरबपतियों ने खर्च किए 196 करोड़, फिर भी जीत गए ममदानी; जानें किसने किया सपोर्ट

    Updated: Sat, 08 Nov 2025 06:03 AM (IST)

    न्यूयार्क के नवनिर्वाचित मेयर डेमोक्रेट नेता जोहरान ममदानी को हराने के लिए 26 अरबपतियों ने अपना खजाना खोल दिया और ममदानी के प्रतिद्वंद्वी को जिताने के ...और पढ़ें

    26 अरबपतियों ने खर्च किए 196 करोड़, फिर भी जीत गए ममदानी (फोटो- रॉयटर)

    26 अरबपतियों ने खर्च किए 196 करोड़, फिर भी जीत गए ममदानी (फोटो- रॉयटर)

    HighLights

    1. ममदानी के नामांकन से पहले ही 13.6 मिलियन डॉलर मिल चुके थे प्रतिद्वंद्वी कुओमो को 

    2. कुओमो की जीत के लिए पौने दो लाख डॉलर खर्चने वाले ऐकमैन अब ममदानी के साथ 

    जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। न्यूयार्क के नवनिर्वाचित मेयर डेमोक्रेट नेता जोहरान ममदानी को हराने के लिए 26 अरबपतियों ने अपना खजाना खोल दिया और ममदानी के प्रतिद्वंद्वी को जिताने के लिए 22 मिलियन डॉलर (लगभग 196 करोड़ रुपये) खर्च कर दिए, लेकिन जनता की ताकत के आगे पैसे की ताकत विफल साबित हो गई।

    फो‌र्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस पैसे से ममदानी के खिलाफ जमकर विज्ञापन चलाए गए। प्रमुख धनकुबेरों में ब्लूमबर्ग एलपी के सह संस्थापक माइकल ब्लूमबर्ग, हेज फंड मैनेजर बिल ऐकमैन, एयर बीएनबी के सह संस्थापक जो गेब्बिया और ऐसे ही तमाम लोग शामिल रहे। इनमें से प्रत्येक ने ममदानी के निकटतम प्रतिद्वंद्वी एंड्र्यू कुओमो के समर्थन में एक लाख डॉलर से ज्यादा का योगदान दिया।

    माइकल ब्लूमबर्ग ने कुओमो को प्राइमरी चुनाव जिताने के लिए आठ मिलियन डालर खर्च किए, तो ऐकमैन ने 1.75 मिलियन डालर और लाडर ने साढ़े सात लाख डॉलर खर्च किए। आधे से अधिक दान यानी लगभग 13.6 मिलियन डॉलर ममदानी द्वारा नामांकन दाखिल करने से पहले ही मिल चुके थे।

    ममदानी ने अक्टूबर में अपने प्रचार अभियान के दौरान कहा था कि बिल ऐकमैन और रोनाल्ड लॉडर जैसे अरबपतियों ने मुझे हराने के लिए खजाना खोल दिया है क्योंकि वे अपने अस्तित्व पर संकट महसूस कर रहे हैं।

    चुनाव जीतने के बाद इन अरबपतियों में से कुछ का हृदय परिवर्तन भी हुआ है। ऐकमैन ने एक्स पर ट्वीट में ममदानी को शुभकामनाएं देते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

    वहीं जेपी मार्गन चेज के सीईओ जेमी डिमोन ने फॉर्चून पत्रिका से कहा कि ममदानी समाजवादी से ज्यादा मा‌र्क्सवादी हैं, लेकिन वह जीत गए हैं तो मैं उनको मदद का प्रस्ताव देता हूं।

    खबरें और भी