यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रूस की परमाणु हमले की धमकी पर अमेरिका ने की थी तैयारी, बाइडन प्रशासन ने तय कर लिया था- चुप नहीं बैठेंगे
यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस की परमाणु हमले की धमकी के बाद अमेरिका ने भी क्षेत्र में मौजूद नाटो की सेनाओं को अलर्ट कर दिया था साथ ही अमेरिकी सेनाएं भी स ...और पढ़ें

HighLights
- बाइडन प्रशासन ने तय कर लिया था-चुप नहीं बैठना है
- यूक्रेन में कड़ा जवाब देने की आपात योजना हुई सार्वजनिक
- अमेरिका ने रूसी हमले से निपटने के लिए इंतजाम किये थे
एएनआई, वॉशिंगटन। यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस की परमाणु हमले की धमकी के बाद अमेरिका ने भी क्षेत्र में मौजूद नाटो की सेनाओं को अलर्ट कर दिया था, साथ ही अमेरिकी सेनाएं भी सतर्क हो गई थीं। अमेरिका ने सोच लिया था कि यूक्रेन में परमाणु हमला होने पर वह मूकदर्शक नहीं बना रहेगा।
बाइडन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इन तैयारियों से संबंधित गोपनीय विवरण सार्वजनिक किए हैं। बताया है कि परमाणु हमले की स्थिति से निपटने के लिए किस तरह की आपातकालीन योजना बनाई गई थी। माना गया है कि द्वितीय विश्वयुद्ध में जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर परमाणु हमलों के करीब 80 वर्ष बाद 2022 में यूक्रेन में परमाणु हमले का खतरा पैदा हुआ था।
अमेरिका ने रूसी हमले से निपटने के लिए इंतजाम किये थे
अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन के अनुसार अमेरिकी तैयारी केवल रूस के राजनीतिक नेतृत्व के वक्तव्य का परिणाम नहीं थी बल्कि रूस की जमीनी तैयारी भी परमाणु हमले का संकेत दे रही थी। इसलिए अमेरिका ने रूसी हमले के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए इंतजाम कर लिए थे।
हमला होने पर कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं रहते
वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यूक्रेन पर परमाणु हमला न हो, इसके लिए हम हर संभव प्रयास करते लेकिन हमला होने की स्थिति में कठोर कदम उठाने से भी पीछे नहीं रहते। कठोर कदम का फैसला स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लिया जाता। 2022 के गर्मी के मौसम में अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठकों में यूक्रेन पर परमाणु हमले की स्थिति के लिए आपात योजना बनाई गई थी।
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रूस अगर परमाणु हमला करेगा तो चुप नहीं रहेंगे
इन बैठकों में साफ निर्णय ले लिया गया था कि रूस अगर परमाणु हमला करेगा तो हम चुप नहीं रहेंगे.. जवाब देंगे। इन बैठकों में जवाब के स्तर पर भी चर्चा हुई थी। यूक्रेन पर परमाणु हमले का खतरा तब पैदा हुआ था जब युद्ध के शुरुआती महीनों में रूसी सेना को बड़े झटके झेलने पड़े थे। इसी के बाद रूस ने परमाणु हमले की तैयारियों को धार देनी शुरू की थी।
रूस ने अपने परमाणु बल को अलर्ट कर दिया था
हालांकि यूक्रेन पर हमले के साथ ही रूस ने अपने परमाणु बल को अलर्ट कर दिया था और साफ संकेत दिया था कि यूक्रेन की ओर से किसी पश्चिमी देश ने युद्ध के मैदान में उतरने की कोशिश की तो वह उसका कड़ा जवाब देगा।