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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Howdy Modi: J&K पर पाकिस्तान की असलियत जानते हैं ट्रंप, US भी झेल चुका है ऐसी स्थिति

    By Sanjay PokhriyalEdited By:
    Updated: Mon, 23 Sep 2019 12:12 PM (GMT+05:30)

    Howdy Modi भारत के जम्मू-कश्मीर और अमेरिका के टेक्सास शहर में कई समानताएं हैं। इन क्षेत्रों को लेकर दोनों देश लगभग एक जैसी ही परिस्थिति से गुजर चुके ह ...और पढ़ें

    Howdy Modi: J&K पर पाकिस्तान की असलियत जानते हैं ट्रंप, US भी झेल चुका है ऐसी स्थिति
    Howdy Modi: J&K पर पाकिस्तान की असलियत जानते हैं ट्रंप, US भी झेल चुका है ऐसी स्थिति

    नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने को लेकर पाकिस्तान खूब शोर मचा रहा है। पाकिस्तान ने इसके लिए अमेरिका से कई बार मदद मांगी, लेकिन हर बार उसे मुंह की ही खानी पड़ी। 'हाउडी मोदी' के मंच से भी पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामी आतंकवाद पर साथ होने की बात कह पाकिस्तान का नाम लिए बिना ही उसे स्पष्ट संदेश दे दिया है। दरअसल, ट्रंप जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान की असलियत जानते हैं, क्योंकि अमेरिका भी ऐसी परिस्थितियों से गुजर चुका है।

    मालूम हो कि अभी भारत का सबसे गरम मुद्दा है, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया जाना। इसे लेकर पूरी दुनिया में बातें हो रही हैं। दरअसल, भारत के संदर्भ में जम्मू-कश्मीर और अमेरिका के संदर्भ में टेक्सास में एक बड़ी समानता है। जिस तरह जम्मू और कश्मीर शुरुआत में भारत का हिस्सा नहीं था, ठीक वैसे ही टेक्सास भी शुरूआत से अमेरिका का हिस्सा नहीं था।

    नहीं मिली मान्यता

    ह्यूस्टन के नेतृत्व में टेक्सास गणराज्य ने अमेरिका के साथ विलय के लिए एक प्रस्ताव पारित किया। अमेरिका के प्रमुख राजनीतिक दलों को शुरू में इस कदम के बारे में बहुत संदेह था, जिसके चलते उन्होंने इसका विरोध किया। राजनीतिक दलों ने सोचा यह मेक्सिको के साथ संबंध खराब करेगा, जिसने टेक्सास गणराज्य को मान्यता नहीं दी थी। मेक्सिको से स्वतंत्र इकाई के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए टेक्सास के नये नेताओं ने मेक्सिको के साथ बातचीत शुरू की। ब्रिटेन ने इसकी मध्यस्थता की।

    अमेरिका में हुआ विलय

    तभी अचानक, अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन टायलर ने टेक्सास के अमेरिका में विलय को अपना समर्थन दे दिया। 1844 के अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में ये एक अहम मुद्दा भी बना। लेकिन ह्यूस्टन ने टायलर के प्रतिद्वंद्वी जेम्स पोल्क को अपना समर्थन दे दिया, जो अगले अमेरिकी राष्ट्रपति बने। इसके बाद अमेरिका कांग्रेस और टेक्सास कांग्रेस ने मिलकर इसे मंजूरी दी और इसी के साथ टेक्सास अमेरिका का 28वां राज्य बना।

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    टेक्सास का इतिहास

    1836 तक टेक्सास मेक्सिको का हिस्सा था। यहां के लोगों ने मेक्सिको के खिलाफ विद्रोह किया और 1836 में टेक्सास गणराज्य के रूप में स्वतंत्रता हुआ। यह सब कुछ सैमुअल ह्यूस्टन के नेतृत्व में हुआ, जो अमेरिका में पैदा हुए थे और 1830 के शुरुआती दिनों में मेक्सिकन टेक्सास में बस गए थे। ह्यूस्टन अमेरिका का चौथा सबसे अधिक आबादी वाला और टेक्सास का सबसे बड़ा आबादी वाला शहर है। इसका नाम सैमुअल ह्यूस्टन के नाम पर रखा गया है।

    यह है सबसे बड़ी समानता

    टेक्सास और जम्मू-कश्मीर में सबसे बड़ी समानता यहीं पर सामने आई। टेक्सास की तरह ही जम्मू-कश्मीर भी 1947 में एक आजाद रियासत था। मेक्सिको ने टेक्सास को कभी आजाद नहीं माना और इसी वजह से अमेरिका के साथ उसका युद्ध तक हो गया। ठीक उसी तरह पाकिस्तान ने भी कभी जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं माना और उस पर हमला तक कर दिया। उस समय जम्मू-कश्मीर को अपनी सुरक्षा भारत के साथ जाने में दिखी और उसने भारत के साथ विलय को लेकर समझौता कर लिया। हालांकि जहां अमेरिका ने मेक्सिको को पूरी तरह से पीछे धकेल दिया, वहीं भारत ने अपनी सैन्य नीति को अनिवार्य रूप से रक्षात्मक रखते हुए सीमित आक्रामक का सहारा लिया।

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