यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Tahawwur Rana: 26/11 हमले के आरोपी तहव्वुर राणा की चाल कामयाब, भारत प्रत्यर्पण पर अमेरिका ने लगाई रोक
Tahawwur Rana News 26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी और पाकिस्तानी मूल के कनाडाई व्यवसायी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण पर अमेरिका ने रोक लगा दी है। ब ...और पढ़ें

वाशिंगटन, एजेंसी। Tahawwur Rana मुंबई में 2008 को हुए आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा की बचने की चाल कामयाब हो गई है। 26/11 के आरोपी और पाकिस्तानी मूल के कनाडाई व्यवसायी राणा के भारत प्रत्यर्पण पर अमेरिका ने रोक लगा दी है।
भारत भेजने को बाइडन प्रशासन की अपील खारिज
दरअसल, बाइडन प्रशासन की अपील को खारिज करते हुए, एक अमेरिकी अदालत ने तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण पर रोक लगाने का आदेश दिया है। भारत में राणा के खिलाफ मुकदमा चल रहा है।
62 वर्षीय राणा ने कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में अमेरिकी जिला न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ नौवीं सर्किट कोर्ट में अपील की थी, जिसमें बंदी प्रत्यक्षीकरण की रिट को खारिज कर दिया गया था। राणा ने अपील की थी कि सुनवाई तक उसे भारत को न सौंपा जाए।
US कोर्ट ने प्रत्यर्पण पर रोक की मांग मानी
सेंट्रल कैलिफोर्निया में अमेरिकी जिला न्यायालय के जिला न्यायाधीश डेल एस. फिशर ने अपने आदेश में कहा कि राणा के प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की मांग करने वाले उसके "एकतरफा आवेदन" को मंजूरी दी जाती है।
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न्यायाधीश फिशर ने 18 अगस्त को जारी आदेश में कहा,
राणा के भारत प्रत्यर्पण पर यूनाइटेड स्टेट्स कोर्ट ऑफ अपील्स फॉर द नाइंथ सर्किट के समक्ष उसकी अपील का निष्कर्ष आने तक रोक लगाई जाती है।
अपने आदेश में कोर्ट ने सरकार की सिफारिशों को भी खारिज कर दिया कि राणा के प्रत्यर्पण पर कोई रोक नहीं होनी चाहिए।
डेविड हेडली की मदद का आरोप
राणा के खिलाफ मुंबई हमलों में शामिल होने के आरोप लगे हैं और उसे पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली से जुड़ा माना जाता है। हेडली 26/11 मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है।
नौवें सर्किट के लिए अमेरिकी अपील न्यायालय ने राणा को 10 अक्टूबर से पहले अपना तर्क प्रस्तुत करने के लिए कहा है और अमेरिकी सरकार को 8 नवंबर तक अपनी प्रतिक्रिया प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। जज फिशर ने लिखा कि राणा ने बताया है कि अगर वो नहीं रुका तो उसे महत्वपूर्ण अपूरणीय क्षति होने की संभावना है।
NIA कर रही मामले की जांच
भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा समूह के आतंकवादियों द्वारा किए गए 26/11 हमलों में राणा की भूमिका की जांच कर रही है। एनआईए ने कहा है कि वह राजनयिक चैनलों के माध्यम से उसे भारत लाने की कार्यवाही शुरू करने के लिए तैयार है।
2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों में छह अमेरिकियों सहित कुल 166 लोग मारे गए थे, जिसमें 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों ने 60 घंटे से अधिक समय तक मुंबई के महत्वपूर्ण स्थानों पर हमला किया और लोगों की हत्या कर दी थी।