'सच बताओ नहीं तो जेल जाओ', ट्रंप ने मीडिया को दी धमकी; F-15 गिरने की जानकारी लीक करने का लगाया आरोप
ईरान से दूसरे F-15 एयरमैन को बचाने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया पर जानकारी लीक करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मीडिया ने खबर चलाकर बचाव अभ ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो।
HighLights
ट्रंप ने जानकारी लीक करने को लेकर मीडिया को चेताया।
राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर सोर्स बताने या जेल की धमकी।
लीक से बचाव अभियान मुश्किल हुआ, ईरान ने इनाम घोषित किया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान से अपने दूसरे F-15 एयरमैन को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने कई नए खुलासे किए है। ट्रंप के अनुसार, ईरान को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उनके किसी मुखबिर ने यह जानकारी मीडिया को लीक कर दी, और फिर मीडिया ने उस स्टोरी को चलाया। इसके कारण ईरान को पूरी बात पता चल गई।
अब ट्रंप ने खुले तौर से चेतावनी दी है कि अमेरिकी अधिकारी उस सोर्स का पता लगा रहें है। इसके लिए सभी मीडिया संस्थानों से, जिसने भी यह खबर चलाई। उनसे जानकारी का सोर्स मांगा जा रहा है। किसी ने अगर जानकारी देने से मना किया तो उसे कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। हालांकि यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ट्रंप किस मीडिया संस्थान की बात कर रहे थे।
'जानकारी दो, नहीं तो जेल जाओ' : ट्रंप
उन्होंने आगे कहा, "हमें लगता है कि हम इसका पता लगा लेंगे, क्योंकि हम उस मीडिया कंपनी के पास जाएंगे, जिसने यह खबर जारी की थी। इसके बाद हम उनसे कहेंगे कि 'यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, जानकारी दो, नहीं तो जेल जाओ।" यह बातें ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस के ब्रीफिंग रूम में बोला। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि खबर के कारण ईरान सतर्क हो गया। इससे बचाव अभियान और मुश्किल बना गया।
खबर सामने आने के बाद ईरान ने रखा इनाम
ट्रंप ने बताया कि रिपोर्ट छपने के बाद, ईरान ने एक सार्वजनिक सूचना जारी की। जिसमें लापता पायलट को पकड़ने वाले को इनाम देने की पेशकश की गई थी। इससे खोज और बचाव अभियान और भी मुश्किल हो गया। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, और जिस व्यक्ति ने यह बात लीक की है। अगर उसने सच नहीं बताया तो उसे जेल जाना पड़ेगा।
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CIA ने ईरान के अंदर फैलाई थी अफवाह
मालूम हो कि शुक्रवार को दक्षिण-पश्चिमी ईरान के ऊपर एक F-15E स्ट्राइक ईगल विमान को मार गिराया गया। इसके बाद विमान के दोनों क्रू सदस्य, एक पायलट और एक वेपन सिस्टम ऑफिसर। विमान से सुरक्षित बाहर निकल आए थे। पायलट को तो तुरंत बचा लिया गया था, लेकिन दूसरे एयरमैन का पता नहीं लगा पा रहा था।
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, नेवी SEAL टीम 6 के कमांडो ने यह बचाव अभियान चलाया, जिसमें सैकड़ों स्पेशल ऑपरेशन सैनिक और अन्य सैन्य कर्मी ईरानी सीमा के काफी अंदर तक जाकर काम कर रहे थे।
इस बचाव अभियान के दौरान US विमानों ने बम गिराए और ईरानी काफिलों पर गोलियां चलाई। ताकि उन्हें उस जगह से दूर रखा जा सके जहां वह एयरमैन छिपा हुआ था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि जब ईरानी सेना आगे बढ़ रही थी, तो कमांडो ने भी उन्हें रोकने के लिए अपने हथियारों से गोलियां चलाई।
हालांकि उनके बीच कोई सीधी गोलीबारी नहीं हुई। उस एयरमैन का पता चलने से पहले, CIA ने ईरान के अंदर यह अफवाह फैला दी थी कि US सेना ने उस एयरमैन को पहले ही ढूंढ लिया है और अब वे उसे जमीन के रास्ते सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।