Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'हमें लगता है चीन बहुत नाराज है,' टिकटॉक सौदे पर चिनफिंग ने दिया झटका तो गिड़गिड़ाने लगे ट्रंप

    Updated: Sat, 05 Apr 2025 10:09 AM (GMT+05:30)

    ट्रंप के टैरिफ एलान के बाद से चीन और अमेरिका के बीच तनातनी का माहौल है। चीन ने भी अमेरिका पर जवाबी टैरिफ लगाने का एलान किया है तो वहीं टिकटॉक सौदा खटा ...और पढ़ें

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। ( फोटो- रॉयटर्स )
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। ( फोटो- रॉयटर्स )

    HighLights

    1. बाइटडांस को बेचनी होगी 80 फीसदी अमेरिकी हिस्सेदारी।
    2. सौदा नहीं होने पर ट्रंप ने बढ़ाई 75 दिनों की समय सीमा।
    3. टैरिफ से खफा चीन सौदे को मंजूरी देने के मूड में नहीं।

     रॉयटर्स, वाशिंगटन। टैरिफ एलान के बाद चीन ने अमेरिका को एक नया झटका दिया है। चीन ने एलान किया है कि वह टिकटॉक सौदे मंजूरी नहीं देगा। इस सौदे के तहत टिकटॉक का संचालन करने वाली कंपनी बाइटडांस को अपने अमेरिका ऑपरेशन का अधिकांश हिस्सा अमेरिकी कंपनियों को बेचना है। अमेरिकी कानून के मुताबिक सिर्फ 20 फीसदी हिस्सेदारी ही चीनी कंपनी के अधीन होगी। मगर खास बात यह है कि इस सौधे की मंजूरी चीनी सरकार से लेना जरूरी है।

    ट्रंप ने समयसीमा बढ़ाई

    इस बीच, शुक्रवार यानी 4 अप्रैल को डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में टिकटॉक की हिस्सेदारी बेचने की समयसीमा 75 दिनों के लिए बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक यह सौदा बुधवार यानी 2 अप्रैल तक काफी हद तक तय हो चुका था। मगर उसी दिन ट्रंप के टैरिफ एलान ने सबकुछ बिगाड़ दिया। अब ट्रंप का कहना है कि टिकटॉक सौदा की खातिर चीन पर टैरिफ कम करने को तैयार हूं।

    बाइटडांस को बेचनी होगी 80 फीसदी हिस्सेदारी

    सूत्रों के मुताबिक टिकटॉक के अमेरिकी ऑपरेशन को अमेरिका की एक नई कंपनी को बेचना होगा। इसका 80 फीसदी स्वामित्व और संचालन अमेरिकी निवेशकों के पास होगा। बाइटडांस के पास 20 फीसदी से कम की हिस्सेदारी होगी। जानकारी के मुताबिक सौदे को मौजूदा निवेशकों, नए निवेशकों, बाइटडांस और अमेरिकी सरकार ने मंजूरी दे दी है। मगर अब गेंद चीनी सरकार के पाले में है।

    सौदे पर मतभेद

    बाइटडांस ने कहा कि चीनी कानून के अनुसार कोई भी समझौता प्रासंगिक समीक्षा प्रक्रियाओं के अधीन है। सौदे को लेकर अभी मतभेद हैं। वाशिंगटन में चीनी दूतावास ने कहा कि चीन ने कई मौकों पर टिकटॉक पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। चीन ने हमेशा उद्यमों के वैध अधिकारों और हितों का सम्मान किया है और उनकी रक्षा की है। हमने बाजार अर्थव्यवस्था के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन करने वाली प्रथाओं का विरोध किया है।

    खबरें और भी

    हम अब भी अमेरिकी सरकार के साथ बातचीत करने में जुटे हैं। अभी कोई समझौता नहीं हुआ है। दोनों पक्षों के बीच कई प्रमुख मुद्दों पर मतभेद हैं। वीचैट पर बाइटडांस का बयान।

    चीन हमारे टैरिफ से खुश नहीं: ट्रंप

    डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस सौदे पर और अधिक काम करने की जरूरत है। हमें उम्मीद है कि हम चीन के साथ सद्भावनापूर्वक काम करना जारी रखेंगे। मुझे लगता है कि चीन हमारे पारस्परिक टैरिफ से बहुत खुश नहीं है। बता दें कि ट्रंप ने चीन पर पहले 20 फीसदी और इसके बाद 2 अप्रैल को 34 फीसदी टैरिफ का एलान किया। कुल मिलाकर चीन पर अमेरिका अब तक 54 फीसदी टैरिफ लगा चुका है। जवाब में चीन ने भी अमेरिका पर टैरिफ लगाने की घोषणा की।

    नहीं चाहता हूं कि टिकटॉक अंधकार में जाए

    ट्रंप ने आगे कहा कि हमारा प्रशासन टिकटॉक के संभावित सौदे के बारे में चार अलग-अलग समूहों के संपर्क में है। हम चीन के साथ मिलकर डील को अंतिम रूप देने के लिए उत्सुक हैं। नहीं चाहता हूं कि टिकटॉक अंधकार में चला जाए।

    पिछले साल अमेरिकी कांग्रेस ने टिकटॉक के खिलाफ कानून पारित किया था। एप पर अमेरिका में जासूसी करने का आरोप है। टिकटॉक को 19 जनवरी तक अपना ऑपरेशन बंद करना था। मगर ट्रंप ने टिकटॉक को राहत दी और उस पर लगे बैन को हटा लिया। अब ट्रंप ने 75 दिन की समय सीमा और बढ़ा दी है।

    यह भी पढ़ें: ढीले पड़े डोनाल्ड ट्रंप के तेवर! टैरिफ पर भारत समेत इन 3 देशों से बातचीत करने में जुटे; आ सकती है गुड न्यूज

    यह भी पढ़ें: राहुल गांधी को झटका, सावरकर टिप्पणी मामले में हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका