'उनमें फैसले लेने की समझ नहीं', लेबनान पर हमलों को लेकर नेतन्याहू पर भड़के डोनल्ड ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर लेबनान हमलों को लेकर फैसले की समझ न होने का आरोप लगाया। ...और पढ़ें

लेबनान पर हमलों को लेकर नेतन्याहू पर भड़के डोनल्ड ट्रंप(फाइल फोटो)
HighLights
ट्रंप ने नेतन्याहू पर फैसले लेने की समझ न होने का आरोप लगाया।
लेबनान हमलों से अमेरिका-ईरान शांति समझौते में देरी हुई।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर शांति बनाए रखने की अपील की।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रविवार को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर फैसले लेने की समझ न होने का आरोप लगाया। ट्रंप ने दावा किया कि अगर तेल अवीव ने लेबनान पर हमला नहीं किया होता, तो अब तक ईरान के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर हो गए होते।
न्यूज आउटलेट एक्सिओस से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका-ईरान शांति समझौता, जो संभावित रूप से युद्ध को समाप्त कर सकता है और होर्मुज को खोल सकता है, अभी भी पटरी पर है। यह तब है जब ईरान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति इस संभावित समझौते को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं जो इजरायल द्वारा दक्षिणी बेरूत में किए गए हमले के बाद लगभग टूटने की कगार पर आ गया था। इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए।
एक्सिओस के अनुसार, ट्रंप ने फोन कॉल पर को बताया कि इसने चीजों को हिला कर रख दिया। इससे हस्ताक्षर होने में कुछ घंटों की देरी हो गई। यह अभी होना था। अब इसे कुछ घंटों बाद के लिए निर्धारित किया गया है।
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इजरायल का बेरूत पर हवाई हमला
इजरायल ने रविवार को कहा कि उसने बेरूत में एक अपार्टमेंट पर सटीक हवाई हमले (precision aerial strikes) किए हैं, जिसके बारे में उसका दावा है कि वह चरमपंथी समूह हिजबुल्लाह का मुख्यालय था। यह हमला अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित समझौते पर हस्ताक्षर होने से कुछ ही घंटे पहले हुआ।
ट्रंप ने एक्सिओस को आगे बताया कि जब उनके सलाहकारों ने उन्हें इस हमले के बारे में सूचित किया तो वे हैरान रह गए। इजरायल और लेबनान के बीच गोलीबारी जारी है, जबकि ट्रंप के पहले के हस्तक्षेप से दोनों देश एक-दूसरे पर हमला न करने के लिए सहमत हुए थे।
उन्होंने कहा, "यह बहुत बुरा है, मुझे विश्वास नहीं हो रहा था। समझौते पर हस्ताक्षर करने से ठीक एक घंटे पहले ऐसा हुआ।"
अमेरिकी राष्ट्रपति ने शिकायत करते हुए कहा कि वह नेतन्याहू से नाराज हैं और उनमें फैसले लेने की समझ नहीं है। ट्रंप ने नाराजगी जाहिर करते हुए एक्सिओस से कहा कि नेतन्याहू को यह हमला करने की क्या जरूरत थी? मैं बहुत गुस्से में था। मैंने उन्हें बता दिया है। उनमें फैसले लेने की बिल्कुल समझ नहीं है। मैंने उन्हें यह स्पष्ट कर दिया है।
ट्रुथ सोशल पर शांति की अपील
इससे पहले, अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा था कि इजरायल को लेबनान पर हमला नहीं करना चाहिए था। उन्होंने लिखा, "हम एक ऐसे समझौते के बहुत करीब हैं जो लेबनान सहित इस क्षेत्र में शांति लाएगा, और सभी पक्षों को पीछे हटना चाहिए।
इजरायल द्वारा लेबनान में कहीं भी और हमले नहीं होने चाहिए, लेकिन हिजबुल्लाह सहित किसी भी अन्य पक्ष द्वारा भी इजरायल पर कोई हमला नहीं होना चाहिए।"
ईरान की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
ट्रंप की यह टिप्पणी ईरान की उस चेतावनी के बाद आई है, जिसमें उसने जारी युद्ध के बीच लेबनान का समर्थन करते हुए इजरायल के हमलों का कड़ा जवाब देने की बात कही है।
आधिकारिक मिजान न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के संयुक्त कमान मुख्यालय के उप कमांडर जनरल मोहम्मद जाफ़र असदी ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि इन अपराधों का जवाब जरूर दिया जाएगा।
इस बीच, ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद गालिबाफ ने एक्स पर वाशिंगटन को आड़े हाथों लेते हुए पोस्ट किया कि यदि आपके पास अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की इच्छा और क्षमता की कमी है, तो अमेरिका से बात करने का कोई मतलब नहीं है।