अमेरिका बदल रहा अपनी परमाणु नीति, रूस-चीन से हुई जंग तो छोटे एटम बम से करेगा हमला
अमेरिका चीन और रूस से संभावित टकराव को देखते हुए अपनी परमाणु रणनीति में बड़ा बदलाव कर रहा है। ...और पढ़ें

रूस-चीन से जंग की स्थिति में अमेरिका इस्तेमाल करेगा छोटे एटमी हथियार

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डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। चीन और रूस से संभावित टकराव को देखते हुए अमेरिका अपनी परमाणु रणनीति में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अमेरिका इन दोनों देशों से जंग की स्थिति में छोटे परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेगा।
एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ऐसी नई नीति पर काम कर रहा है जिसमें लंबी दूरी के रणनीतिक परमाणु हथियारों के साथ-साथ कम दूरी के टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियारों को भी अहम विकल्प बनाया जाएगा।
क्या है अमेरिका की नई नीति
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की नई नीति की समीक्षा का नेतृत्व पेंटागन के नीति प्रमुख एल्ब्रिज कोल्बी कर रहे हैं। उनका मानना है कि मौजूदा नीति राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के सामने महज दो ही विकल्प छोड़ती है। बड़ा परमाणु हमला या फिर कोई कार्रवाई नहीं।
ऐसे में नई रणनीति का मकसद राष्ट्रपति को ज्यादा व्यावहारिक और भरोसेमंद विकल्प देना है। इसके तहत सहयोगी देशों से जुड़े क्षेत्रीय युद्ध में दुश्मन के सैन्य ठिकानों पर छोटे परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
यानी पूरी कहानी यह है कि अब अमेरिका एटम बम सिर्फ दुश्मन को डराने के लिए नहीं, बल्कि व्यवहारिक रूप से भी इस्तेमाल करेगा।
अमेरिका क्यों कर रहा है बदलाव
नई नीति को लेकर पेंटागन का तर्क है कि चीन और रूस के बढ़ते सैन्य प्रभाव के बीच सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रपति के पास ज्यादा लचीले परमाणु विकल्प होने चाहिए। इससे विरोधी देशों को हमले से पहले रोका जा सकेगा।
एक्सपर्ट्स ने इसे लेकर चेतावनी दी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर छोटे परमाणु हथियारों को सैन्य योजना का हिस्सा बना दिया गया तो उनके इस्तेमाल की संभावना बढ़ जाएगी। इससे पारंपरिक युद्ध के परमाणु युद्ध में बदलने का जोखिम भी बढ़ सकता है।
टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियार
ये कम क्षमता और कम दूरी वाले परमाणु हथियार होते हैं। इन्हें पूरे शहर को तबाह करने के बजाय युद्धक्षेत्र, सैन्य ठिकानों या सीमित सैन्य लक्ष्यों पर इस्तेमाल के लिए बनाया जाता है।
गौरतलब है कि 1945 में हिरोशिमा और नागासाकी के बाद दुनिया में परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं हुआ है।