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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    US Election: विवेक रामास्वामी कौन हैं, जिन्होंने मोदी को बताया 'एक्सीलेंट' PM; यूक्रेन को लेकर किया बड़ा दावा

    By Achyut KumarEdited By: Achyut Kumar
    Updated: Sun, 20 Aug 2023 02:25 PM (IST)

    अमेरिका में इस समय एक शख्स की बहुत चर्चा हो रही है। इस शख्स को अमेरिकी राष्ट्रपति पद का दावेदार माना जा रहा है। इस शख्स ने दावा किया है कि अगर वह राष् ...और पढ़ें

    US Election: विवेक रामास्वामी कौन हैं, जिन्होंने यूक्रेन युद्ध को खत्म करने का किया दावा; मोदी को बताया उत्कृष्ट PM
    US Election: विवेक रामास्वामी कौन हैं, जिन्होंने यूक्रेन युद्ध को खत्म करने का किया दावा; मोदी को बताया उत्कृष्ट PM

    HighLights

    1. भारतीय-अमेरिकी कारोबारी विवेक रामास्वामी ने नरेन्द्र मोदी को बताया 'उत्कृष्ट' प्रधानमंत्री
    2. राष्ट्रपति बना तो खत्म कर दूंगा रूस-यूक्रेन युद्ध: विवेक रामास्वामी
    3. अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर 31 मार्च 2025 तक हर आधे मील पर तैनात करेंगे सेना: रामास्वामी

    US Presidential Election 2024: संयुक्त राज्य अमेरिका में अगले साल 2024 में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होगा। इस बार भारतीय-अमेरिकी उद्यमी विवेक रामास्वामी (Vivek Ramaswamy) भी राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल हो गए हैं। वे धीरे-धीरे शीर्ष रिपब्लिकन विकल्पों में से एक बन गए हैं। हाल ही में हुए एक सर्वे में वे फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस (Ron Desantis) के साथ दूसरे स्थान पर थे।

    'द हिल' की एक रिपोर्ट के अनुसार, इमर्सन कॉलेज के सर्वे में दिखाया गया है कि रॉन डेसेंटिस और रामास्वामी 10-10 प्रतिशत के साथ बराबरी पर हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) 56 प्रतिशत के साथ सबसे आगे हैं।

    (फोटो- रॉन डेसेंटिस)

    अब सभी की निगाहें अगले सप्ताह होने वाली पहली रिपब्लिकन प्राथमिक बहस पर हैं, जहां रामास्वामी, डेसेंटिस और अन्य जीओपी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों को राष्ट्रीय मंच पर खड़े होने का अवसर मिलेगा। वहीं, ट्रम्प इसे छोड़ने की योजना बना रहे हैं।

    (फोटो- डोनाल्ड ट्रंप)

    विवेक रामास्वामी कौन हैं?

    विवेक रामास्वामी ने इस साल फरवरी में फॉक्स न्यूज के प्राइम टाइम शो पर एक लाइव इंटरव्यू के दौरान 2024 के राष्ट्रपति पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की। वे अभी 38 साल के है। रामास्वामी रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं।

    खबरें और भी

    रामास्वामी का जन्म ओहिया में हुआ था। उनके माता-पिता भारत के आप्रवासी थे। उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से जीव विज्ञान की डिग्री हासिल की और फिर येल लॉ स्कूल की पढ़ाई पूरी की। रामास्वामी ने एक बायोटेक कंपनी भी शुरु किया। उन्होंने 'वोक इंक.' सहित कई पुस्तकें भी लिखीं। उनकी पुस्तकों ने उन्हें पहचान हासिल करने में मदद की। रामास्वामी ने 2024 में अपनी जीत का दावा भी किया।

    एलन मस्क ने रामास्वामी का किया समर्थन

    टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने विवेक रामास्वामी को राष्ट्रपति चुनाव के लिए 'होनहार उम्मीदवार' बताया है। टकर कार्लसन के शो में 'एक्स' पर साझा की गई रामास्वामी की एक क्लिप पर प्रतिक्रिया देते हुए मस्क ने कहा, "वह एक बहुत ही आशाजनक उम्मीदवार हैं।"

    (फोटो- विवेक रामास्वामी और एलन मस्क)

    मध्य पूर्व, यूक्रेन, एफबीआई पर विवेक रामास्वामी ने क्या कहा?

    विवेक रामास्वामी युद्ध विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि वह यूक्रेन में युद्ध समाप्त कर देंगे। हालांकि, रामास्वामी की राजनीति का मूल 'विरोधीवाद' प्रतीत होता है। माना जाता है कि वह ट्रम्प की कई नीतियों को आगे बढ़ाते हैं, लेकिन खुद को अधिक वाक्पटु और आशावादी के रूप में प्रस्तुत करते हैं।

    (फोटो- विवेक रामास्वामी)

    रामास्वामी ने इजरायल पर क्या कहा?

    रामास्वामी ने अमेरिका से 2028 के बाद इजरायल को अपनी सैन्य सहायता बंद करने के लिए मध्य पूर्व में सामान्यीकरण सौदों को एक उपकरण के रूप में उपयोग करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि इजरायल को 2028 के बाद अपने मध्य पूर्वी पड़ोसियों की तुलना में अधिक सहायता नहीं मिलनी चाहिए। इसी साल 38 बिलियन डॉलर का वर्तमान अमेरिकी सहायता पैकेज समाप्त हो रहा है।

    (फोटो- विवेक रामास्वामी)

    रामास्वामी ने यूक्रेन युद्ध पर क्या कहा?

    यूक्रेन युद्ध पर रामास्वामी ने रूस के साथ डोनबास क्षेत्र के कुछ हिस्सों और यूक्रेन को नाटो में शामिल नहीं होने देने के साथ रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने की वकालत की। उन्होंने आगे कहा कि संघर्ष को समाप्त करने के लिए व्लादिमीर पुतिन को चीन के साथ अपने सैन्य गठबंधन से बाहर निकलना होगा।

    (फोटो- विवेक रामास्वामी)

    'मैं हिंदू धर्म का पालन करता हूं'

    रिपब्लिकन उम्मीदवार का कहना है कि वह हिंदू धर्म का पालन करते हैं, लेकिन ईसाइयों के समान 'समान मूल्य' साझा करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह अमेरिका में धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करेंगे। रामास्वामी ने कहा,

    रामास्वामी गर्भपात विरोधी हैं। उनका मानना है कि लिंग डिस्फोरिया को एक मानसिक बीमारी के रूप में माना जाना चाहिए।

    (फोटो- व्हाइट हाउस)

    मोदी पर क्या बोले रामास्वामी?

    विवेक रामास्वामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 'उत्कृष्ट' प्रधानमंत्री और भारत के 'उत्कृष्ट नेता' के रूप में प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि वह चाहेंगे कि अमेरिकी राष्ट्रपति उनके उदाहरण का अनुकरण करें और अमेरिकी राष्ट्रीय पहचान के लिए गर्व से खड़े हों। रामास्वामी ने अमेरिकन बाजार (American Bazaar) को दिए एक इंटरव्यू में कहा,

    मुझे लगता है कि वह भारत के लिए एक उत्कृष्ट प्रधानमंत्री रहे हैं। उन्होंने बिना किसी खेद के मुक्त-बाजार पूंजीवाद को अपना लिया है।

    रामास्वामी ने FBI पर क्या कहा?

    रामस्वामी ने एफबीआई, शिक्षा विभाग, एटीएफ, परमाणु नियामक आयोग, आईआरएस, वाणिज्य विभाग सहित कई प्रमुख संघीय एजेंसियों को बंद करने की भी कसम खाई है। उन्होंने कहा कि इन एजेंसियों का अस्तित्व नहीं होना चाहिए और यह कदम उनकी घरेलू नीति विरासत का हिस्सा होगा, क्योंकि यह हमारी अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहित करेगा।

    क्या FBI पर बाहरी जांच होनी चाहिए?

    अपने कॉलेज के दौरान रामास्वामी कैंपस उदारवाद के खिलाफ बोलने से नहीं डरते थे। वह ग्वांतानामो में कैदियों के साथ व्यवहार जैसे विषयों पर अपने दक्षिणपंथी दोस्तों से असहमत होने से भी नहीं कतराते थे। टाइम की एक रिपोर्ट के अनुसार, जब तत्कालीन एफबीआई निदेशक रॉबर्ट मुलर ने 2007 में अपने परिसर का दौरा किया, तो रामास्वामी ने उनसे पूछा कि क्या नागरिक स्वतंत्रता के संबंध में FBI पर बाहरी जांच होनी चाहिए।

    यूएस-मैक्सिको सीमा को लेकर क्या बोले रामास्वामी?

    रामास्वामी का मानना है कि संयुक्त राज्य अमेरिका पीड़ितों से भरी जगह बन गया है। उनका कहना है कि देश ने अपना उद्देश्य खो दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि 31 मार्च, 2025 तक वह अवैध आव्रजन और देश में प्रवेश करने वाले फेंटेनाइल जैसी दवाओं से बचाने के लिए यूएस-मेक्सिको सीमा पर हर आधे मील पर सेना तैनात करेंगे।