विदेशी पत्रकारों पर अमेरिका की नजर, वीजा के लिए सोशल मीडिया अकाउंट्स की होगी जांच
अमेरिका का विदेश विभाग मीडिया वीजा के लिए आवेदन करने वाले विदेशी पत्रकारों के सोशल मीडिया खातों की जांच करेगा। ...और पढ़ें

अमेरिकी वीजा के लिए विदेशी पत्रकारों के सोशल मीडिया की होगी जांच (फोटो-रॉयटर्स)

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डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका का विदेश विभाग मीडिया वीजा (I वीजा) के लिए आवेदन करने वाले विदेशी पत्रकारों के सोशल मीडिया खातों की जांच करने की योजना बना रहा है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने सोशल मीडिया स्क्रीनिंग की अपनी पहल का दायरा बढ़ाकर अब विदेशी मीडिया प्रतिनिधियों को भी इसमें शामिल कर लिया है। इसके साथ ही कनाडा और मेक्सिको के कुछ वर्क वीजा एप्लिकेंट्स को भी इस जांच से गुजरना होगा।
क्या है नया नियम?
रिपोर्ट में इंटरनल मेमो का हवाा दिया गया है। इसके तहत वीजा एप्लिकेंट्स को स्क्रीनिंग के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट पब्लिक करने होंगे। व्हाइट हाउस और स्टेट डिपार्टमेंट के एक्स अकाउंट्स ने रिपोर्ट का लिंक शेयर किया, लेकिन स्टेट डिपार्टमेंट ने कथित इंटरनल डॉक्यूमेंट्स पर कमेंट करने से इनकार कर दिया।
स्टेट डिपार्टमेंट के एक स्पोक्सपर्सन ने इसे ऑनलाइन प्रेजेंस वेटिंग बताया। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद यह पक्का करना है कि एप्लीकेंट US कानून का सम्मान करेंगे और US सिक्योरिटी, पब्लिक सेफ्टी या नेशनल इंटरेस्ट के लिए खतरा नहीं बनेंगे।
स्पोक्सपर्सन ने कहा कि ऑफिसर नेशनल सिक्योरिटी की रक्षा, फ्रॉड रोकने और पूरे रिव्यू के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल करते हैं।
कब से लागू होगा, साफ नहीं
अभी यह साफ नहीं है कि पत्रकारों के लिए नई स्क्रीनिंग कब से शुरू होगी। पिछले महीने डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने US में काम करने वाले विदेशी जर्नलिस्ट्स और स्टूडेंट्स सहित दूसरे वीजा होल्डर्स के देश में रहने की अवधि को लेकर नियम और सख्त किए थे।
खबरें और भी
जनवरी 2025 में सत्ता संभालने के बाद से ट्रंप प्रशासन ने ऑनलाइन स्पीच को इमिग्रेशन और वीजा फैसलों का हिस्सा बनाना शुरू किया है। US सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) पहले ही कह चुकी है कि वह इमिग्रेंट्स और वीजा एप्लिकेंट्स के पोस्ट्स की स्क्रीनिंग करेगी, जिसमें एंटीसेमिटिक कंटेंट और एंटी-अमेरिकनिज्म भी शामिल है।
इसी के तहत प्रशासन ने फिलिस्तीन के समर्थन में एक्टिविज्म करने वाले कई विदेशी स्टूडेंट्स के वीजा कैंसिल किए और कुछ को डिपोर्ट करने की कोशिश की।
अक्टूबर 2025 में स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा था कि उसने कंजर्वेटिव एक्टिविस्ट चार्की किर्क की हत्या पर कमेंट करने पर 6 विदेशी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं। डिपार्टमेंट ने कहा कि वह ऐसे और वीजा होल्डर्स की पहचान कर रहा है जिन्होंने कथित तौर पर हत्या का जश्न मनाया।
सिविल लिबर्टीज ग्रुप्स में चिंता
ट्रंप प्रशासन के इस कदम से बोलने की आजादी को लेकर चिंता बढ़ गई है। सिविल लिबर्टीज के समर्थकों का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर वीजा देना या रद्द करना फ्री स्पीच पर हमला है।