US-Iran Peace Deal: अमेरिका जारी करेगा 12 अरब डॉलर की ईरानी संपत्ति, 19 जून को समझौते पर हस्ताक्षर
महीनों के तनाव के बाद अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़े शांति समझौते पर सहमति बनी है, जिसके तहत अमेरिका ईरान की 12 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्तियों को जारी ...और पढ़ें

अमेरिका-ईरान के बीच ऐतिहासिक समझौता। फाइल फोटो
HighLights
अमेरिका 12 अरब डॉलर की ईरानी संपत्ति जारी करेगा।
19 जून को स्विट्जरलैंड में समझौते पर हस्ताक्षर होंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त होगी।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन/तेहरान। महीनों से जारी तनाव और संघर्ष के बाद अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़े शांति समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनने की खबर है। समझौते के तहत अमेरिका ईरान की 12 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्तियों को जारी करेगा। यह कदम दोनों देशों के बीच प्रस्तावित 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन का हिस्सा बताया जा रहा है।
ईरानी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार, 60 दिनों की वार्ता प्रक्रिया के दौरान कुल 24 अरब डॉलर की ईरानी संपत्तियों को चरणबद्ध तरीके से अनफ्रीज किया जाएगा। इनमें से आधी राशि यानी 12 अरब डॉलर वार्ता शुरू होने से पहले ही उपलब्ध कराई जाएगी।
19 जून को स्विट्जरलैंड में हो सकते हैं हस्ताक्षर
इस समझौते को अंतिम रूप देने में पाकिस्तान ने महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने घोषणा की कि अमेरिका और ईरान के बीच सभी मोर्चों पर सैन्य गतिविधियों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने पर सहमति बन गई है। उन्होंने बताया कि समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड में किए जाएंगे।
ट्रंप बोले- ईरान के साथ डील पूरी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ समझौता पूरा हो चुका है और हस्ताक्षर प्रक्रिया के बाद अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त कर देगा।
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ट्रंप ने कहा कि इस कदम से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होगी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की निर्बाध आवाजाही फिर शुरू हो सकेगी।
युद्ध समाप्ति की दिशा में बड़ा कदम
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि यह समझौता ईरान, अमेरिका और लेबनान सहित पूरे क्षेत्र में संघर्ष समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि समझौते के क्रियान्वयन और निगरानी पर विशेष ध्यान देना होगा।
तेहरान का मानना है कि केवल राजनीतिक घोषणाओं से स्थायी शांति संभव नहीं होगी, बल्कि सभी पक्षों को समझौते की शर्तों का पूरी तरह पालन करना होगा।
300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज का भी प्रावधान
प्रस्तावित समझौते में ईरान के आर्थिक पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर तक की सहायता का प्रावधान भी शामिल है। इसके अलावा ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली जैसे यूरोपीय देशों द्वारा कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने पर भी सहमति बनी है।
समझौते के तहत संक्रमण काल के दौरान ईरान के आसपास अमेरिकी सैन्य तैनाती को सीमित करने का प्रस्ताव भी शामिल बताया गया है।
फरवरी से जारी था संघर्ष
गौरतलब है कि फरवरी के अंत में अमेरिका-इजरायल समर्थित सैन्य अभियानों और ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया था। संघर्ष के दौरान लेबनान में भी हिंसा तेज हुई और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता सफलतापूर्वक लागू होता है तो इससे न केवल पश्चिम एशिया में स्थिरता बढ़ेगी, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
हालांकि परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों की पूर्ण समाप्ति और सुरक्षा गारंटी जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर आगे विस्तृत बातचीत जारी रहेगी।
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