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    ईरान पर हमले से पहले ही चीन ने खोल दी थी अमेरिकी एक्शन की पोल, सैटेलाइट से लोकेशन कर रहा था ट्रैक

    Updated: Wed, 11 Mar 2026 08:15 AM (IST)

    चीनी एआई स्टार्टअप मिजारविजन ने दावा किया है कि उसने 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिका-इजरायल हमले से पहले अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को सैटेलाइट के जरिए ...और पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पिछले महीने 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिका-इजरायल के हमले की जानकारी चीन के पास पहले से थी। ईरान पर पहली मिसाइल चलने से पहले ही संकेत मिल गया था कि अमेरिका कोई बड़ा हमला करने की तैयारी कर रहा है।

    सोशल मीडिया पर अमेरिकी सैन्य तैयारियों से जुड़ी सैटेलाइट तस्वीरें तेजी से फैलने लगी थीं। दरअसल, एक चीनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप मिजारविजन ने दावा किया है कि वह इस इलाके में अमेरिकी मिलिट्री के जरूरी सामानों की लगभग रियल-टाइम, हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट इमेजरी पब्लिश कर रहा है। यूएस जेट की तैनाती से लेकर जंगी जहाजों तक।

    चीन ने खोली अमेरिका की पोल

    ये इमेज F-22 स्टील्थ फाइटर जेट के सटीक कोऑर्डिनेट से लेकर न्यूक्लियर पावर वाले एयरक्राफ्ट कैरियर के सटीक डेक कॉन्फिगरेशन तक दिखाती हैं। इन तस्वीरों में रनवे पर खड़े लड़ाकू विमान, रेगिस्तानी एयरफील्ड पर उतरते ट्रांसपोर्ट प्लेन दिखाई दे रहे हैं।

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    (Image Source- MizarVision)

    एक्सपर्ट्स और एनालिस्ट्स के मुताबिक, मिजारविजन की इन तस्वीरों ने सीक्रेसी के पारंपरिक पर्दे को लगभग खत्म कर दिया है, भले ही फर्म का कहना है कि उसकी इमेज सिर्फ कमर्शियल इस्तेमाल के लिए हैं।

    ऑपरेशन लॉन्च से पहले ही ट्रैक कर लिया अब्राहम लिंकन

    जब ऑपरेशन एपिक फ्यूरी लॉन्च हुआ तो मिजारविजन का दावा है कि उसने अमेरिकी गेराल्ड आर फोर्ड और अमेरिकी अब्राहम लिंकन को ट्रैक किया था, जब वे वेस्ट एशिया के पास पहुंचे थे। यहां तक कि उसने मैरीटाइम पेट्रोल जेट्स की मूवमेंट्स को कैरियर्स की पोजिशन्स से जोड़ने के लिए फ्लाइट-ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर का भी इस्तेमाल किया था।

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    (Image Source- MizarVision)

    मिजारविजन द्वारा लिस्ट की गई इनमें से कई मिलिट्री जगहों को बाद में ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया। हालांकि चीन और ईरान के बीच क्लासिफाइड डेटा लिंक का कोई सीधा सबूत नहीं है।

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