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    'हमारे रिश्ते कभी नहीं बिगड़ सकते', चिनफिंग ने अमेरिका-चीन संबंधों को बताया दुनिया के लिए सबसे महत्वपूर्ण

    Updated: Thu, 14 May 2026 04:32 PM (IST)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बीजिंग में मुलाकात की। इस दौरान व्यापार, ताइवान, ईरान संकट और वैश्विक सुरक्षा जैसे ...और पढ़ें

    बीजिंग में ट्रंप-शी चिनफिंग की मुलाकात (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

    बीजिंग में ट्रंप-शी चिनफिंग की मुलाकात (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बीजिंग में मुलाकात कर दोनों देशों के बीच तनाव पैदा करने वाले कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। बातचीत में व्यापार, ताइवान, ईरान युद्ध और वैश्विक सुरक्षा जैसे विषय प्रमुख रहे।

    बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में शी जिनपिंग ने ट्रंप का भव्य स्वागत किया। यह वही जगह है जहां चीन के बड़े सांस्कृतिक और सरकारी कार्यक्रम आयोजित होते हैं। दोनों नेताओं ने पहले द्विपक्षीय बैठक की और बाद में ट्रंप ने ऐतिहासिक टेंपल ऑफ हेवन का दौरा भी किया। दोनों नेता एक राजकीय भोज में भी शामिल होने वाले हैं।

    ट्रंप दो दिवसीय चीन दौरे पर पहुंचे हैं। उनके साथ कई बड़े अमेरिकी कारोबारी भी पहुंचे, जिनमें एनवीडिया के जेन्सन हुआंग और टेस्ला के एलन मस्क शामिल हैं। बुधवार रात ट्रंप के स्वागत के लिए विशेष समारोह आयोजित किया गया और उनका काफिला बीजिंग की उन इमारतों के बीच से गुजरा जिन पर चीनी भाषा में 'बीजिंग वेलकम' लिखा दिखाई दिया।

    व्यापार और रिश्तों को लेकर बातचीत

    डोनल्ड ट्रंप ने पहले ही कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि शी चिनफिंग उनके साथ बेहद गर्मजोशी से पेश आएंगे। ट्रंप कई बार शी चिनफिंग की नेतृत्व शैली की तारीफ कर चुके हैं और कह चुके हैं कि वह कड़े नियंत्रण के साथ चीन चलाते हैं।

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    इस दौरे में ट्रंप की प्राथमिकता व्यापारिक समझौते माने जा रहे हैं। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल कृषि, विमानन और अन्य क्षेत्रों में बड़े कारोबारी समझौतों की उम्मीद लेकर चीन पहुंचा है।

    उधर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चीन से ईरान संकट में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि चीन ईरान पर दबाव डाले ताकि वह फारस की खाड़ी में मौजूदा गतिविधियों से पीछे हटे। रुबियो ने कहा कि चीन दुनिया की बड़ी और ताकतवर शक्ति है और अमेरिका-चीन संबंध सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक रिश्तों में से एक हैं, हालांकि दोनों देशों के हित कई मामलों में टकराते भी हैं।

    ताइवान मुद्दे पर शी चिनफिंग की चेतावनी

    बैठक के दौरान ताइवान का मुद्दा भी चर्चा में रहा। शी चिनफिंग ने ट्रंप से कहा कि ताइवान को लेकर मतभेद अमेरिका और चीन के रिश्तों को खतरनाक दिशा में ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ताइवान की स्वतंत्रता और ताइवान स्ट्रेट में शांति आग और पानी की तरह एक-दूसरे के विपरीत हैं।

    हालांकि व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में ताइवान का कोई जिक्र नहीं किया गया। बयान में सिर्फ इतना कहा गया कि ट्रंप और शी चिनफिंग के बीच अच्छी बैठक हुई और दोनों पक्षों ने आर्थिक सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।

    व्हाइट हाउस ने यह भी बताया कि डोनल्ड ट्रंप और शी चिनफिंग इस बात पर सहमत हुए कि होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय व्यापार और जहाजों के लिए खुला रहना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है।

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