Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    खून-खराबा, चीख-पुकार, अफरातफरी...गाजा अस्पताल में हुए धमाके के बाद कैसा था मंजर, डॉक्टर ने सुनाई खौफनाक दास्तां

    By AgencyEdited By: Nidhi Avinash
    Updated: Wed, 18 Oct 2023 07:27 PM (IST)

    इजरायल के मुताबिक यह धमाका रॉकेट मिसफायर के कारण हुआ है। अस्पताल में हुए हमले के बाद से दुनिया के कई देशों में विरोध प्रदर्शन हो रहे है। कई देशों के न ...और पढ़ें

    गाजा अस्पताल में हुए धमाके के बाद कैसा था मंजर (Image: Agency)
    गाजा अस्पताल में हुए धमाके के बाद कैसा था मंजर (Image: Agency)

    HighLights

    1. डॉक्टरों ने बताई विस्फोट के बाद खून-खराबा, चीख-पुकार, अफरातफरी की दास्तां
    2. अस्पताल में हुए विस्फोट को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप
    3. बैपटिस्ट अस्पताल शांति का स्थान था

    रॉयटर्स, गाजा। गाजा शहर के अल-अहली अरब बैप्टिस्ट अस्पताल में एक जोरदार ब्लास्ट हुआ। इस धामके की गूंज ने सबको हिला कर रख दिया। अस्पताल को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में करीब 500 से अधिक फलस्तीनियों की मौत हो गई। एक तरफ हमास इसके लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहरा रहा है तो वहीं इजरायल ने इसके लिए फलस्तीनी इस्लामिक जिहाद पर आरोप लगाया है।

    इजरायल के मुताबिक, यह धमाका रॉकेट मिसफायर के कारण हुआ है। अस्पताल में हुए हमले के बाद से दुनिया के कई देशों में विरोध प्रदर्शन हो रहे है। कई देशों के नेताओं ने धमाके की कड़ी निंदा की है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस धामके पर चिंता जताई और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

    आइये आपको अस्पताल में हुए धमाके से पहले और बाद की कहानी से रूबरू कराते है, जो अल-अहली अस्पताल के डॉक्टर ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से साझा की। डॉक्टर ने अस्पताल धमाके की आंखों देखी दास्तां की बयां...

    अल-अहली अल-अरबी अस्पताल फादेल नईम एक आर्थोपेडिक सर्जरी के प्रमुख के तौर पर काम करते है। बीते मंगलवार को धमाके से कुछ मिनट पहले वह एक काम को पूरा कर रहे थे, उसी दौरान उन्होंने एक बड़ा विस्फोट सुना। नईम बताते है कि लोग चिल्लाते हुए मदद के लिए इधर से उधर भाग रहे थे। उनका डिपार्टमेंट लोगों की भीड़ से पूरा भर चुका था।

    'हमारी मदद करो, हमारी मदद करो....'

    नईम वो पल याद करते हुए बताते है कि लोग सर्जरी विभाग में भागते हुए आ रहे थे। चिल्ला रहे थे और बस एक ही चीज बोल रहे थे। 'हमारी मदद करो, हमारी मदद करो।' उन्होंने कहा कि अस्पताल के अंदर लोग मारे गए और कई घायल भी हुए।

    खबरें और भी

    हर जगह शव बिखरे हुए थे...

    नईम ने धमाके के बाद अस्पताल को वो नजारा बताया, जो काफी दर्दनाक था। वह बताते है कि अस्पताल क्षत-विक्षत शवों और घायल लोगों से भरा हुआ था। उन्होंने कहा कि 'जिसे भी बचाया जा सकता था, हमने उसे बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन, अस्पताल टीम के लिए यह संख्या बहुत ज्यादा थी।

    100 साल पुराना था बैप्टिस्ट अस्पताल

    अल-अहली अस्पताल के अन्य डॉक्टर इब्राहिम अल-नाका को इस अस्पताल पर काफी गर्व था। संघर्ष के दौरान इस अस्पताल में सभी धर्मों का स्वागत हुआ। मरीजों को एक चर्च और एक मस्जिद में रखा गया। इजरायल-हमास की भीषण हमले के बीच आश्रय की तलाश कर रहे लोग अस्पताल पहुंच रहे है।

    शांतिपूर्ण अस्पताल की दीवारें खून से सनी हुई थी..

    मंगलवार को हुए इस हादसे के बाद जो अस्पताल शांतिपूर्ण रहता था, आज उसकी दीवारें और जमीन खून से सनी हुई थी। जो अस्पताल महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान हुआ करता था, आज बमबारी के बाद उसकी दीवारें ताश की पत्तों की तरह ढह गई। बता दें कि इस अस्पताल में जो धमाका हुआ वो बिना किसी चेतावनी के किया गया। बच्चों को निशाना बनाकर उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए।

    मरने वालों की संख्या सबसे अधिक

    अस्पताल में हुए विस्फोट से मरने वालों की संख्या वर्तमान हिंसा के दौरान गाजा में किसी भी एक घटना से अब तक की सबसे अधिक थी। कब्जे वाले वेस्ट बैंक और जॉर्डन और तुर्की सहित व्यापक क्षेत्र में इसका विरोध प्रदर्शन देखा गया। इजरायल ने अवरुद्ध गाजा पट्टी पर अब तक के सबसे भारी हवाई हमलों का जवाब दिया और अपनी सीमा पर सैनिकों और टैंकों को तैनात कर दिया है।

    कौन है इतने मौतों का जिम्मेदार?

    इजरायल की सेना ने बुधवार को कहा कि एक असफल फलीस्तीनी रॉकेट के कारण अस्पताल में विस्फोट हुआ। हमास ने कहा कि यह एक इजरायली हवाई हमला था और इस्लामिक जिहाद के प्रवक्ता ने इजरायल के आरोपों को फलिस्तीनी नागरिकों के खिलाफ अपने नरसंहारों को उचित ठहराने के लिए कवर के रूप में खारिज कर दिया।

    अब तक कितनी मौतें?

    गाजा नागरिक सुरक्षा प्रमुख ने अस्पताल में मरने वालों की संख्या 300 बताई, जबकि स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने इसे 500 बताया। बुधवार को भी मलबे से शव निकाले जा रहे थे। हमास सरकार के मीडिया कार्यालय के प्रमुख सलामा मारौफ ने कहा, 'बैप्टिस्ट अस्पताल में इजरायली कब्जे द्वारा किया गया नरसंहार 21वीं सदी का नरसंहार है।'

    यह भी पढ़े: Israel Hamas War: हमास के हमले में 7 ब्रिटिश नागरिकों ने गंवाई जान, 9 लापता- यूके पीएम के प्रवक्ता

    यह भी पढ़े: Israel Hamas War: कितने अमेरिकी राष्ट्रपति अब तक कर चुके इजरायल का दौरा? क्यों हर वक्त मुस्तैद रहता है AIRFORCE-1