Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    धमकी देने के बावजूद ईरान पर नहीं किया हमला, आखिर क्यों नरम पड़े ट्रंप? 

    Updated: Thu, 15 Jan 2026 11:47 PM (IST)

    चार अरब देशों - सऊदी अरब, कतर, ओमान और मिस्र - ने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए गहन कूटनीतिक प्रयास किए। उन्होंने अमेरिका को ईरान पर हमला ...और पढ़ें

    चार अरब देशों ने अमेरिका-ईरान तनाव कम करने को किया हस्तक्षेप।

    चार अरब देशों ने अमेरिका-ईरान तनाव कम करने को किया हस्तक्षेप।

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चार अरब देशों ने इस सप्ताह अमेरिका और ईरान के साथ गहन कूटनीतिक प्रयास किए ताकि तेहरान पर अमेरिकी हमले को रोका जा सके। इन देशों का डर था कि हमले का असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा।

    एक खाड़ी देश के अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का गुरुवार को रुख नरम होने से पहले सऊदी अरब, कतर, ओमान और मिस्त्र 48 घंटों तक इस कूटनीति में शामिल थे।

    चार अरब देशों ने तनाव कम करने को किया हस्तक्षेप

    चारों देशों ने अमेरिका को बताया कि किसी भी हमले का सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों के संदर्भ में व्यापक क्षेत्र पर असर पड़ेगा जो अंतत: अमेरिका को ही प्रभावित करेंगे। उन्होंने ईरान से कहा कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी अड्डों पर उसके किसी भी जवाबी हमले से क्षेत्र के अन्य देशों के साथ ईरान के संबंध प्रभावित होंगे।

    वाल स्ट्रीट जर्नल ने इस सप्ताह रिपोर्ट की थी कि सऊदी अरब, कतर और ओमान ने अमेरिकी हमले के विरुद्ध लॉबिंग की थी।

    उक्त अधिकारी ने कहा कि राजनयिक प्रयासों ने बयानबाजी को कम करने और किसी भी सैन्य कार्रवाई से बचने पर ध्यान केंद्रित किया था जो व्यापक क्षेत्रीय अस्थिरता को जन्म दे सकती है। यह कूटनीति अंतत: ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत का कारण बन सकती है।

    ईरानी राजदूत का दावा, ट्रंप ने हमला नहीं करने का दिया भरोसा

    पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोघदम ने गुरुवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को भरोसा दिलाया है कि वह देश पर हमला नहीं करेंगे और ईरान से संयम बरतने को कहा है।

    खबरें और भी

    मोघदम ने कहा कि उन्हें रात लगभग एक बजे (स्थानीय समय) जानकारी मिली, जिससे पता चला कि ट्रंप युद्ध नहीं चाहते थे और उन्होंने ईरान से क्षेत्र में अमेरिकी हितों को निशाना नहीं बनाने को भी कहा था।

    (न्यूज एजेंसी रायटर्स के इनपुट के साथ)