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    ट्रंप के दबाव के बीच ईरान ने अपनाई चीन की रणनीति, इन दो मोर्चों से US को दे रहा जवाब

    Updated: Mon, 13 Apr 2026 10:31 PM (IST)

    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दबाव के बीच ईरान चीन की रणनीति अपना रहा है। वह आर्थिक मोर्चे पर वैकल्पिक वित्तीय सिस्टम, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और क ...और पढ़ें

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान(फोटो: रॉयटर्स)

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की सख्त नीतियों और बढ़ते दबाव के बीच ईरान अब चीन की रणनीति को अपनाकर जवाब देने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान आर्थिक, कूटनीतिक और तकनीकी स्तर पर ऐसे कदम उठा रहा है, जो पहले चीन अमेरिकी दबाव के खिलाफ इस्तेमाल करता रहा है।

    आर्थिक मोर्चे पर नया खेल

    ईरान अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने के लिए वैकल्पिक वित्तीय सिस्टम पर जोर दे रहा है। इसमें स्थानीय मुद्राओं में व्यापार, क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल और प्रतिबंधों से बचने वाले नेटवर्क शामिल हैं। यह तरीका चीन पहले ही अमेरिका के साथ ट्रेड वॉर के दौरान अपना चुका है।

    कूटनीतिक रणनीति में बदलाव

    ईरान अब पश्चिमी देशों के बजाय एशियाई और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ रिश्ते मजबूत कर रहा है। चीन, रूस और कुछ अन्य देशों के साथ सहयोग बढ़ाकर वह अंतरराष्ट्रीय दबाव को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है।

    ऊर्जा और व्यापार पर फोकस

    तेल और गैस के निर्यात को बनाए रखने के लिए ईरान नए रास्ते और साझेदार तलाश रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान "छिपे हुए व्यापार नेटवर्क" और अप्रत्यक्ष सप्लाई चैन का इस्तेमाल कर रहा है, जैसा कि चीन ने पहले किया था।

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    तकनीक और डिजिटल इकोनॉमी का इस्तेमाल

    ईरान डिजिटल प्लेटफॉर्म और टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ा रहा है, ताकि अमेरिकी निगरानी और प्रतिबंधों को दरकिनार किया जा सके। इसमें डिजिटल पेमेंट सिस्टम और डेटा कंट्रोल शामिल हैं।

    क्या है बड़ा संदेश?

    विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह कदम सिर्फ ट्रंप के दबाव का जवाब नहीं है, बल्कि एक लंबी रणनीति का हिस्सा है। चीन की तरह आत्मनिर्भर और बहु-ध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था की ओर बढ़ना इसका मुख्य लक्ष्य है।