UAE पर सबसे ज्यादा हमले क्यों कर रहा ईरान? अमेरिका को भी पहुंच रहा नुकसान; Inside Story
ईरान खाड़ी देशों, विशेषकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर लगातार हमले कर रहा है, जिसमें हजारों ड्रोन और मिसाइलें शामिल हैं। इन हमलों से UAE के महत्वपूर्ण ...और पढ़ें
HighLights
ईरान ने UAE पर हजारों ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया।
हमलों से UAE के आर्थिक केंद्र और निवेश प्रभावित हुए।
अमेरिका के प्रमुख आर्थिक साझेदार UAE को निशाना बनाया गया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चले रहे युद्ध का खामियाजा खाड़ी देशों को भुगतना पड़ रहा है। ईरान ने इस युद्ध में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर लगातार कई हमले किए हैं।
ईरान ने यूएई पर अब तक 1714 ड्रोन, 334 बैलिस्टिक मिसाइल और 13 क्रूज मिसाइलें दागी हैं। इससे यूएई का काफी नुकसान हुआ है। लेकिन इस बीच यह सवाल खड़ा होता है कि यूएई पर हमला करके ईरान, अमेरिका को कैसे नुकसान पहुंचा रहा है।

ईरान की UAE को तबाह करने की कोशिश
ईरान ने युद्ध के बीते दिनों में दुबई के मरीना और अल सुफ्फा इलाकों में जोरदार धमाके किए। ईरानी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह तेल टर्मिनल पर भी हमला किया, जिससे टर्मिनल पर काम रुक गया।
ईरान के इन हमलों ने होटलों, रिफाइनरियों, हवाई अड्डों और बड़े कमर्शियल इलाकों को हिलाकर रख दिया है।
ईरान ने केवल यूएई पर ही नहीं, बल्कि कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी हमला किया। ईरान ने इस जंग में खाड़ी देशों पर हमला करके उन्हें भी युद्ध में घसीट लिया।
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UAE पर हमला करने से अमेरिका को नुकसान
अमेरिका ने बीते समय में UAE के साथ अपने आर्थिक संबंधों को काफी मजबूत बनाया है। डोनल्ड ट्रंप जब से सत्ता में लौटे हैं, तब से उन्होंने बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश की मांग की और यूएई ने किसी भी अन्य सहयोगी देश के मुकाबले कहीं ज्यादा दरियादिली दिखाई।
व्हाइट हाउस के मुताबिक, 2025 में अमेरिका को 5.2 ट्रिलियन डॉलर के विदेशी निवेश के वादे मिले, जिन्हें अगले 10 सालों के दौरान निवेश किया जाना है। कुल मिलाकर, ट्रंप के कार्यकाल में आए नए विदेशी निवेश का 62 फीसदी हिस्सा अरब देशों की तरफ से आया।
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- 1.4 ट्रिलियन डॉलर यानी कुल निवेश का 27 फीसदी हिस्से का वादा अकेले UAE ने किया।
- 1.2 ट्रिलियन डॉलर का वादा कतर ने किया।
- 1 ट्रिलियन डॉलर का जापान ने किया।
- 600 अरब डॉलर का सऊदी अरब ने किया।
- 500 अरब डॉलर का भारत ने किया।
- 450 अरब डॉलर का दक्षिण कोरिया ने किया।
- 17 अरब डॉलर का बहरीन ने किया।
- 6.1 अरब डॉलर का आयरलैंड ने किया।
UAE में बढ़ रहा निवेश
ईरान की UAE को निशाना बनाने की रणनीति अमेरिका में किए गए निवेश तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक निवेश के एक बड़े केंद्र के तौर पर UAE की बढ़ती हैसियत से भी जुड़ी हुई है।
पिछले एक दशक के दौरान UAE में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का प्रवाह तेजी से बढ़ा है। खासकर तब, जब दुबई सरकार ने 1,000 से ज्यादा कमर्शियल और इंडस्ट्रियल गतिविधियों में 100 फीसदी विदेशी मालिकाना हक की अनुमति दे दी।
वर्ल्ड बैंक के डाटा के मुताबिक, 2018 में UAE में FDI का इनफ्लो 10.4 बिलियन डॉलर था, जो 2021 में लगभग दोगुना होकर 20.7 बिलियन डॉलर हो गया और 2024 में दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 45.6 बिलियन डॉलर हो गया।
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यूएई में दुबई नए ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स के मामले में दुनिया में सबसे ऊंचे स्थान पर पहुंच गया है। दुबई सरकार के अनुसार, 2024 में इसने रिकॉर्ड तोड़ते हुए 1,117 ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स आकर्षित किए। इसकी तुलना में, सिंगापुर को 442 प्रोजेक्ट्स मिले, लंदन को 384 प्रोजेक्ट्स और न्यूयॉर्क शहर को 200 प्रोजेक्ट्स मिले।
UAE पर हमला करके, ईरान अमेरिका पर सीधे हमला किए बिना उसके एक प्रमुख आर्थिक साझेदार को नुकसान पहुंचा रहा है।
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