होर्मुज के बाद अब किस समुद्री रास्ते को निशाना बनाने वाला है ईरान? ठप हो जाएगी ग्लोबल सप्लाई
ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य के बाद अब बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की तैयारी कर रहा है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गलिबाफ ने इसके संकेत दि ...और पढ़ें
HighLights
ईरान बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की तैयारी में।
वैश्विक समुद्री व्यापार और अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव की आशंका।
ईरान विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए समुद्री मार्ग नियंत्रित करेगा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। होर्मुज जलडमरूमध्य के बाद ईरान अब बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नजर डालने की तैयारी कर रहा है। मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के बीच ईरान ने वैश्विक समुद्री व्यापार को लेकर एक और डराने वाली चेतावनी दी है। ईरानी संसद के अध्यक्ष (स्पीकर) मोहम्मद बागेर गलिबाफ ने संकेत दिया है कि, तेहरान अब अपनी रणनीतिक घेराबंदी का विस्तार स्ट्रैट ऑफ होर्मुज से आगे बढ़ाकर बाब अल-मंदेब स्ट्रैट तक कर सकता है।
ईरान ने औपचारिक रूप से नहीं की है कोई घोषणा
हालांकि अभी तक ईरान ने औपचारिक रूप से बाब-एल-मंदेब पर किसी ठोस कार्रवाई की घोषणा नहीं की है, लेकिन इस तरह के बयान अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चेतावनी जरूर है। अगर ऐसा होता है, तो यह फैसला इंटरनेशनल समुद्री आवाजाही और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका साबित हो सकता है।
ईरानी स्पीकर गलिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई सवाल उठाकर दुनिया भर के देशों और बड़ी कॉर्पोरेट संस्थाओं की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने एक इमोजी के साथ रणनीतिक लहजे में पूछा, 'वैश्विक तेल, एलएनजी, गेहूं, चावल और उर्वरक शिपमेंट का कितना हिस्सा बाब अल-मंदेब से होकर गुजरता है? कौन से देश और कंपनियां इस मार्ग से सबसे अधिक निर्भर हैं। इन सवालों को विशेषज्ञ ईरान की संभावित रणनीति का संकेत मान रहे हैं।
ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार ने भी दी धमकी
वहीं, अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने भी बाब-अल-मंदेब को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, "किसी भी बड़ी कार्रवाई का जवाब सिर्फ सैन्य स्तर पर नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा और व्यापार पर असर डालकर दिया जाएगा।"
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उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ही नहीं, बल्कि बाब-अल-मंदेब जैसे अहम समुद्री रास्ते भी खतरे में आ सकते हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने का अल्टीमेटम दिया है और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बाब-अल-मंदेब को बाधित कर शर्तें मनवाना चाहता है ईरान
ईरान ने पहले ही होर्मुज में अमेरिका या उसके सहयोगी देश के जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। इससे पूरे विश्व में ऊर्जा को लेकर संकट पैदा हो गया है। अब बाब-अल-मंदेब को निशाना बनाने का संकेत देना यह दर्शाता है कि ईरान अपने विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री 'चोक प्वाइंट' को नियंत्रित करने की योजना बना रहा है।
मालूम हो कि बाब अल-मंदेब लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ता है, जो स्वेज नहर के माध्यम से यूरोप और एशिया के बीच व्यापार का मुख्य मार्ग है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान या उसके समर्थित समूह इस मार्ग में रूकावट डालते हैं, तो ऊर्जा की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि होगी और खाद्य सुरक्षा का एक और संकट पैदा हो जाएगा।
यह कदम सिर्फ तेल ही नहीं, बल्कि गेहूं, चावल और उर्वरक जैसी बुनियादी जरूरतों की वैश्विक सप्लाई चेन को भी बाधित कर सकता है। ईरान का यह रुख यह भी दर्शाता है कि वह अब सीधे तौर पर वैश्विक व्यापारिक हितों को चोट पहुंचाकर बड़े देशों को अपनी शर्तों मनवाने के लिए मजबूर करना चाहता है।