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    ट्रंप की धमकी के बाद ईरान की सख्त चेतावनी, संसद में लगे 'डेथ टू अमेरिका' के नारे

    Updated: Sun, 11 Jan 2026 02:05 PM (IST)

    ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर घालीबाफ ने अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका ने ईरान पर सैन्य हमला किया, तो इजराय ...और पढ़ें

    ट्रंप की धमकी के बाद ईरान की सख्त चेतावनी (फाइल फोटो)

    ट्रंप की धमकी के बाद ईरान की सख्त चेतावनी (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. ईरान ने अमेरिका-इजरायल को सैन्य हमले पर चेतावनी दी।

    2. अमेरिकी सैन्य ठिकाने और इजरायल वैध निशाना होंगे।

    3. यह चेतावनी ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच आई।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर घालीबाफ ने अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर सैन्य हमला किया तो इजरायल और अमेरिकी सैन्य ठिकाने वैध निशाना होंगे।

    यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान में लगातार विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं और अमेरिका की तरफ से सख्त बयानबाजी हो रही है। ईरान की संसद में बोलते हुए स्पीकर मोहम्मद बागेर घालीबाफ ने कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो इजरायल और अमेरिका के सैन्य अड्डे, जहाज और अन्य ठिकाने ईरान के निशाने पर होंगे।

    ईरान इंटरनेशनल के अनुसार, उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका के किसी भी सैन्य कदम का जवाब सिर्फ जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बयान संसद के एक हंगामेदार सत्र के दौरान दिया गया, जहां कई सांसद मंच के पास पहुंच गए और 'डेथ टू अमेरिका' के नारे लगाए। इस दौरान के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, हालांकि उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

    'हम सिर्फ बाद में जवाब देने तक सीमित नहीं'

    घालीबाफ ने कहा कि ईरान आत्मरक्षा के अधिकार के तहत पहले से ही कार्रवाई करने का विकल्प खुला रखता है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को गलतफहमी में रहने वाला बताते हुए कहा कि अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को कोई गलत कदम नहीं उठाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि अगर ईरान पर हमला हुआ, तो इजरायल और क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य अड्डे और जहाज ईरान के लिए वैध लक्ष्य होंगे।

    खबरें और भी

    यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब ईरान में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुके हैं। तेहरान और मशहद समेत कई शहरों में प्रदर्शन जारी हैं। कार्यकर्ताओं के अनुसार, इन प्रदर्शनों से जुड़े हिंसक घटनाक्रम में अब तक कम से कम 116 लोगों की मौत हो चुकी है।

    इंटरनेट और फोन सेवाएं बाधित होने के कारण स्थिति की पूरी जानकारी मिलना मुश्किल है। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यज़ एजेंसी के मुताबिक, करीब 2600 लोगों को अब तक हिरासत में लिया गया है।

    ट्रंप की सख्त चेतावनी

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान पहले से कहीं ज्यादा आजादी के करीब है और अमेरिका मदद को तैयार है। न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप को ईरान पर संभावित सैन्य हमले के विकल्प दिखाए गए हैं, हालांकि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

    अमेरिकी विदेश विभाग ने भी चेतावनी देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप जो कहते हैं, उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं, अमेरिकी सेना ने कहा है कि मध्य पूर्व में उसकी सेनाएं अपने हितों और सहयोगियों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।