मिडिल ईस्ट तनाव पर पाकिस्तान की 'पंचायत', ईरान ने अपना रुख किया स्पष्ट; इजरायल ने कहा- PAK पर नहीं भरोसा
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ईरान और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक बातचीत तेज हुई है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशा ...और पढ़ें
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ईरान ने अपना रुख किया स्पष्ट इजरायल ने कहा- PAK पर नहीं भरोसा (फाइल फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस्लामाबाद में बातचीत से इनकार की खबरों को गलत बताया है और पाकिस्तान के प्रयासों की सराहना की है।
सैयद अब्बास अराघची ने उन खबरों का खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाने को तैयार नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि तेहरान का रुख बातचीत की शर्तों पर निर्भर करेगा।
इसी बीच शनिवार देर रात अराघची ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार से फोन पर बातचीत की। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की और आगे भी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई। इशाक डार ने तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों को दोहराया और कहा कि समस्याओं का समाधान बातचीत और कूटनीति से ही संभव है।
मीडिया रिपोर्ट पर विवाद
बातचीत से पहले सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिकी मीडिया ईरान के रुख को गलत तरीके से पेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान ने कभी भी इस्लामाबाद जाने से इनकार नहीं किया और पाकिस्तान के प्रयासों के लिए वह आभारी है।
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Iran's position is being misrepresented by U.S. media.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) April 4, 2026
We are deeply grateful to Pakistan for its efforts and have never refused to go to Islamabad. What we care about are the terms of a conclusive and lasting END to the illegal war that is imposed on us.
پاکستان زنده باد pic.twitter.com/AUjBQxOFyA
दरअसल, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ईरान ने आखिरी समय में इस्लामाबाद में बातचीत से पीछे हट गया। इन खबरों के सामने आने के बाद ही ईरानी विदेश मंत्री ने सफाई दी। अराघची के इस बयान पर इशाक डार ने जवाब देते हुए कहा, “आपकी सफाई के लिए धन्यवाद,” जिससे दोनों देशों के बीच सकारात्मक संवाद का संकेत मिला।
इजरायल का अलग रुख
जहां ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की सराहना की है, वहीं इजरायल ने इस पर भरोसा जताने से इनकार कर दिया है। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि उनका देश ऐसे किसी राष्ट्र पर भरोसा नहीं करेगा, जिसके साथ उसके कूटनीतिक संबंध नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि इजरायल अपने फैसले खुद लेता है और इस मामले में अमेरिका के रुख पर भी भरोसा करता है। इस तरह, एक तरफ जहां ईरान और पाकिस्तान बातचीत के जरिए समाधान की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इजरायल का अलग रुख क्षेत्रीय कूटनीति को और जटिल बना रहा है।
तनाव के बीच जारी कूटनीति
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जैसे हालात को 37 दिन हो चुके हैं और अब तक युद्धविराम के कोई संकेत नहीं मिले हैं। ऐसे समय में पाकिस्तान लगातार मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।
सैयद अब्बास अराघची ने बातचीत में अमेरिका और इजरायल को क्षेत्रीय अस्थिरता के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा। वहीं, इशाक डार ने फिर दोहराया कि शांति का रास्ता केवल बातचीत से ही निकलेगा और सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए।