सऊदी अरब में सैन्य ठिकाने पर ईरान का बड़ा हमला, 10 अमेरिकी सैनिक घायल; कई विमान क्षतिग्रस्त
ईरान ने ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर मिसाइल हमला किया, जिसमें अमेरिकी वायुसेना के पांच एरियल रिफ्यूलिंग प्लेन क्षतिग्रस्त हो गए। ...और पढ़ें

सऊदी अरब में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ईरान का बड़ा हमला (फोटो- AI Generated)
HighLights
सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरानी मिसाइल हमला
अमेरिकी वायुसेना के पांच एरियल रिफ्यूलिंग प्लेन क्षतिग्रस्त हो गए
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में संघर्ष की वजह से हालात दिनों दिन खतरनाक होते जा रहे हैं। एक तरफ ईरान पर इजरायल-अमेरिका ने भयंकर हमला किया जिसके जबाव में ईरान ने ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर मिसाइल हमला किया, जिसमें अमेरिकी वायुसेना के पांच एरियल रिफ्यूलिंग प्लेन क्षतिग्रस्त हो गए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्लेन पूरी तरह नष्ट नहीं हुए और उनकी मरम्मत चल रही है। रिपोर्ट में कुछ अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की बात कही गई है, हालांकि अलग-अलग स्रोतों में हताहतों की संख्या पर विवरण भिन्न हैं। यह हमला ईरान द्वारा क्षेत्रीय ठिकानों पर किए जा रहे हमलों का हिस्सा माना जा रहा है।

पश्चिमी ईरान में अमेरिकी-इजरायली हमलों में 20 से अधिक मौतें
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, शुक्रवार को पश्चिमी ईरान के करमानशाह प्रांत पर अमेरिका और इजरायल के हमलों में कम से कम 20 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए। हमले प्रांत के तीन अलग-अलग स्थानों पर हुए, जिनमें आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। मृतकों में महिलाएं, बच्चे और एक गर्भवती महिला शामिल बताई जा रही है।
- करखानेह गांव में सुबह के हमले में कम से कम 7 मौतें।
- करमानशाह शहर में दो हमलों में 13 से अधिक हताहत।
ईरानी सुरक्षा अधिकारी ने आवासीय इलाकों पर हमले का दावा किया है। यह हमले ईरान पर चल रहे व्यापक अमेरिकी-इजरायली अभियान का हिस्सा हैं।
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ट्रंप का बयान: युद्ध खत्म होने के बाद सऊदी-इजरायल संबंध सामान्य होंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को मियामी में एक कार्यक्रम में कहा कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त होने के बाद सऊदी अरब और इजरायल के बीच संबंध सामान्य करने का समय आ गया है।
ट्रंप ने कहा कि अब समय आ गया है। हमने उन्हें युद्ध से बाहर कर दिया है, और वे पूरी तरह से बाहर हो गए हैं। हमें अब्राहम समझौते में शामिल होना होगा।
उन्होंने वर्षों से इन दोनों देशों पर अब्राहम समझौते के तहत संबंध सामान्य करने का दबाव डाला है। हालांकि, सऊदी अरब फलस्तीनी राज्य के लिए विश्वसनीय मार्ग की मांग पर अड़ा हुआ है।