यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Israel-Hamas War: आखिरी वक्त में बढ़ाई गई इजरायल और हमास में युद्ध विराम की अवधि, ये हैं कारण
Israel-Hamas War हमास और इजरायल में युद्ध विराम के समाप्त होने से कुछ मिनट पहले ही अब इसे एक और दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। युद्धविराम बढ़ाने की जानक ...और पढ़ें

एपी, गाजा पट्टी। Israel Hamas War इजरायल और हमास के बीच युद्ध विराम के समाप्त होने से कुछ मिनट पहले ही अब इसे एक और दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। हालांकि, गाजा में संघर्ष विराम तेजी से कमजोर होता दिखाई दे रहा है, क्योंकि दर्जनों लोगों की रिहाई के बाद उग्रवादियों द्वारा बंधक बनाए गए महिलाओं और बच्चों की संख्या कम हो गई है।
कतर की मदद से अंतिम समय में बढ़ा युद्धविराम
युद्धविराम बढ़ाने की जानकारी ठीक उसी समय आई, जब संघर्ष विराम समाप्त होने वाला था। कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि संघर्ष विराम को पहले की तरह ही शर्तों के तहत बढ़ाया जा रहा है, जिसमें हमास ने इजरायल द्वारा 30 फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई के बदले प्रति दिन 10 इजरायली बंधकों को रिहा किया है।

अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा
लगभग आठ सप्ताह तक गाजा में इजरायली बमबारी और जमीनी गोलीबारी के बाद युद्ध विराम को लंबे समय तक जारी रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ गया है, जिसमें हजारों फलस्तीनी मारे गए हैं। वहीं, यहां से 23 लाख की तीन चौथाई आबादी को क्षेत्र छोड़कर भागना पड़ा।
एंटनी ब्लिंकन के दौरे के बाद बढ़ा युद्धविराम
इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन युद्ध शुरू होने के बाद से क्षेत्र की अपनी तीसरी यात्रा पर बुधवार देर रात इजरायल पहुंचे और यही कारण रहा कि वो संघर्ष विराम को और बढ़ाने का दबाव बना सके।
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शुरुआत में घोषणा के बाद अंतिम क्षण में गतिरोध उत्पन्न पैदा हो गया था। हमास ने कहा कि इजरायल ने एक प्रस्तावित सूची को अस्वीकार कर दिया है, जिसमें सात जीवित बंदियों के बदले तीन मृत व्यक्तियों के शरीर (डेड बॉबी) देने की बात थी। हमास का कहना था कि ये इजरायली हवाई हमलों में मारे गए थे। हालांकि, बाद में इजरायल ने कहा कि हमास ने एक बेहतर सूची प्रस्तुत की है, युद्धविराम बढ़ाया जा सका।
7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए घातक हमले के दौरान हमास द्वारा बंधक बनाई गई अधिकांश महिलाओं और बच्चों को पहले ही मुक्त कर दिया गया है। अब उम्मीद है कि हमास के आतंकी पुरुषों और सैनिकों को मुक्त करने के बदले में कोई बड़ी मांग रखेंगे।