इजरायल-हमास शांति समझौते का स्वागत, नेताओं ने कहा- स्वतंत्र फलस्तीन समय की जरूरत
इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम समझौते का विश्व स्तर पर स्वागत किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य नेताओं ने इसे स्थायी शांति की दि ...और पढ़ें

इजरायल-हमास के बीच युद्धविराम समझौता। फाइल फोटो
HighLights
इजरायल-हमास के बीच युद्धविराम समझौता
विश्व नेताओं ने किया समझौते का स्वागत
स्वतंत्र फलस्तीन पर नेताओं ने दिया जोर
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इजरायल और हमास के बीच दो साल लंबे चले खूनी संघर्ष के बात तीसरी बार युद्धविराम समझौता हुआ है। इस नए सकारात्मक घटनाक्रम पर पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली है। इस समझौते में मध्यस्थ बने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत दिग्गज नेताओं ने उम्मीद जताई है कि ये शांति समझौता मजबूत, टिकाऊ और स्थायी होगा।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस समेत तमाम देशों के नेताओं ने स्वतंत्र फलस्तीन देश को मान्यता देने और जल्द से जल्द मानवीय सहायता गाजा भिजवाने की अपील की। गाजा में इजरायली कार्रवाई में बड़े पैमाने पर जनसंहार के खिलाफ दुनियाभर में प्रदर्शन हुए। इसमें आधे से ज्यादा महिलाएं और बच्चे मारे गए। हालांकि, जनसंहार की बात को इजरायल अंत तक नकारता रहा। इसकी वजह से इजरायल को मिलनेवाले समर्थन में भी भारी कमी आई और वह अलग-थलग होता चला गया।
स्वतंत्र फलस्तीन समय की जरूरत
युद्ध विराम पर इजरायल के राजी होने के पीछे इसे भी बड़ी वजह माना जा रहा है क्योंकि पीएम नेतन्याहू के खिलाफ इजरायल में ही विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। वहीं कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस जैसे देशों ने फलस्तीन को मान्यता देकर भी नेतन्याहू पर दबाव बढ़ा दिया था। हमास और इजरायल के बीच मिस्त्र में समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका के मध्य एशिया राजनयिक स्टीव विट्कोफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर बुधवार को शर्म अल शेख में कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी के साथ जुटे।
नेतन्याहू के शीर्ष सलाहकार रान डर्मर भी वहां मौजूद थे। दिग्गजों का जुटना इस बात का संकेत था कि समझौता होकर रहेगा। इस समझौते पर मुहर के तौर पर ट्रंप ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि हम मध्य एशिया में समझौते के बेहद करीब हैं। दुनियाभर के नेताओं ने दी शुभकामनाएं मिस्त्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सिसी ने दोनों पक्षों के बीच शांति समझौते को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इससे युद्ध का अध्याय बंद होगा और न्याय व स्थिरता वाले भविष्य के प्रति उम्मीदें जगेंगी।
खबरें और भी
क्या बोले संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस?
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि यूएन इस समझौते के पूरे अनुपालन का समर्थन करेगा और गाजा में मानवीय सहायता का दायरा और बढ़ाया जाएगा। साथ ही गाजा में पुनर्निर्माण के कार्यों में तेजी लाई जाएगी। गुटेरेस ने सभी पक्षों से अपील की कि वे इस खास मौके का फायदा उठाकर कब्जे को खत्म करने, फलस्तीनी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार को मान्यता देने तथा द्विराष्ट्र समाधान हासिल करने की दिशा में काम करें ताकि इजरायल और फलिस्तीन शांति और सुरक्षा के साथ रह सकें।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जिआकुन ने इस शांति समझौते पर संतोष जताया और कहा कि इसे स्थायी बनाने के लिए चीन विश्व समुदाय के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। उन्होने जोर दिया कि चीन द्विराष्ट्र सिद्धांत का समर्थन करता है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युअल मैक्रों ने कहा कि ये समझौता बंधकों और स्वजनों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी राहत भरी खबर लेकर आया है। उन्होंने इस समझौते में शामिल ट्रंप के साथ-साथ कतर, मिस्त्र और तुर्किये के मधयस्थों का आभार भी जताया। साथ ही इजरायल और हमास से समझौते पर मजबूती से टिके रहने की अपील भी की।
दुनियाभर के नेताओं ने समझौते का किया स्वागत
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने समझौते का स्वागत किया और कहा कि हम स्थितियों पर सकारात्मक नजर बनाए हुए हैं। इस समझौते को स्थायी समाधान की तरफ ले जाने की जरूरत है। इजरायल और हमास के बीच समझौते पर सऊदी अरब ने कहा कि फलस्तीन के लोगों तक जल्द से जल्द मानवीय सहायता पहुंचाने की जरूरत है। साथ ही स्वतंत्र फलस्तीन के गठन के साथ द्विराष्ट्र सिद्धांत पर अमल करना चाहिए और 1967 में तय हुई दोनों देशों के बीच सीमाओं को स्थापित किया जाना चाहिए।
इजरायल के पड़ोसी देश जार्डन ने गाजा में जल्दी से जल्दी मानवीय सहायता पहुंचाने पर जोर दिया। तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोआन ने एक्स पर ट्रंप, कतर और मिस्त्र का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि आप सभी ने जरूरी राजनीतिक ²ढ़ता दिखाकर इस समझौते पर अमल कराया। पिछले दो साल से दर्दनाक जीवन गुजार रहे फलस्तीनी भाई-बहनों को मैं तहे दिल से शुभकामनाएं देता हूं। हाल में फलस्तीन को मान्यता देनेवाले कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने कहा कि मुझे इस बात से संतोष मिला है कि बंधक अपने स्वजनों से मिल सकेंगे। उन्होंने मध्यस्थता करनेवाले सभी पक्षों का भी आभार जताया है।