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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Turkiye Earthquake: NDRF के रोमियो और जूली बचा रहे जिंदगियां, 6 साल की बच्ची को मलबे से सुरक्षित निकलवाया

    By AgencyEdited By: Babli Kumari
    Updated: Mon, 13 Feb 2023 12:25 PM (IST)

    Turkiye-Syria Earthquake News तुर्किए (Turkiye) और सीरिया (Syria) में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। तुर्किये में मरने वालों की संख्या 38000 हो गई है ...और पढ़ें

    NDRF के रोमियो और जूली बचा रहे जिंदगियां (फाइल फोटो)
    NDRF के रोमियो और जूली बचा रहे जिंदगियां (फाइल फोटो)

    नूरदागी [तुर्की], एजेंसी। तुर्किये और सीरिया में 6 फरवरी को आए विनाशकारी भूकंप (Deadly Earthquake) से अब तक 38 हजार के करीब लोगों की जान जा चुकी है। दोनों देशों में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। भारत ने भी मदद के लिए अपनी एनडीआरएफ टीम भेजी हैं।

    इस बीच तीन दिनों तक मलबे में फंसी रही 6 साल की बच्ची को जिंदा मलबे से निकाला गया। ये चमत्कारी रेस्क्यू भारत के दो खास हीरो की वजह से हो पाया। इनका नाम है 'रोमियो' और 'जूली'। अगर शायद ये दोनों नहीं होते तो बच्ची का पता नहीं लग सकता।

    रोमियो और जूली वहां सफल हुए जहां मशीनें विफल रहीं

    रोमियो और जूली वहां सफल हुए जहां मशीनें विफल रहीं। टनों मलबे के नीचे छोटी बच्ची के ठिकाने का पता लगाने में डॉग स्क्वायड ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी मदद के बिना बच्ची की जान नहीं बच सकती थी।

    एनडीआरएफ वर्तमान में 6 फरवरी को आए भूकंप से बुरी तरह प्रभावित नूरदगी और तुर्की के विभिन्न हिस्सों में आपदा स्थल पर मलबे  जान बचाने और एक जीवित आत्मा को खोजने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।

    जूली ने बच्ची को ज़िंदा देखा तो लगी भौंकने 

    डॉग हैंडलर कॉन्स्टेबल कुंदन ने बताया कि कैसे जूली ने नूरदगी साइट पर सबसे पहले मलबे में जीवित छोटी लड़की का पता लगाया, जिसकी पहचान बेरेन के रूप में हुई है। पहले जूली मलबे के अंदर गई, उसने बच्ची को ज़िंदा देखा तो भौंकने लगी…इससे अंदर बच्ची के होने की पुष्टि हुई। एनडीआरएफ के एक अन्य डॉग अटेंडेंट ने एएनआई को बताया, 'पुन: पुष्टि के लिए, हमने रोमियो (मेल लैब्राडोर) को मलबे में भेजा है और उसने भौंकने के माध्यम से भी पुष्टि की है कि वास्तव में मलबे के नीचे कोई जीवित था।'

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    रोमियो मलबे के अंदर गया और फिर उसने बच्ची के ज़िंदा होने को कंफर्म किया। इसके बाद 6 साल की बच्ची की जान बचाई गई।

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