Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Hijab Protest: ईरान में हिजाब विरोधी आंदोलन में नौ यूरोपीय नागरिक गिरफ्तार, अब तक कुल 83 लोगों की मौत

    By AgencyEdited By: Amit Singh
    Updated: Sat, 01 Oct 2022 04:30 AM (IST)

    ईरान सरकार की सख्त चेतवानी के बावजूद हिजाब विरोधी आंदोलन थम नहीं रहा है। ईरान ने इसके पीछे विदेशी दुश्मनों का हाथ बताया है। साथ यूरोपीय देशों के नौ ना ...और पढ़ें

    हिजाब विरोधी आंदोलन में नौ यूरोपीय नागरिक गिरफ्तार
    हिजाब विरोधी आंदोलन में नौ यूरोपीय नागरिक गिरफ्तार

    दुबई, रायटर: ईरान सरकार की सख्त चेतवानी के बावजूद हिजाब विरोधी आंदोलन थम नहीं रहा है। ईरान ने इसके पीछे विदेशी दुश्मनों का हाथ बताया है। साथ यूरोपीय देशों के नौ नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इनमें जर्मनी, पोलैंड, इटली, फ्रांस, नीदरलैंड और स्वीडन के नागरिक शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद ईरान और यूरोपीय देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। प्रदर्शनकारियों व सुरक्षा बलों के बीच करीब दो सप्ताह के संघर्ष में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 83 पहुंच गई है।

    सरकार ने दिया आंदोलन को कुचलने का आदेश

    एमनेस्टी इंटरनेशनल ने लीक दस्तावेजों का हवाला देकर कहा है कि ईरान सरकार ने आंदोलन को सख्ती से कुचलने का आदेश दिया है। एमनेस्टी इंटरनेशनल के महासचिव एगनेस कैलामर्ड ने शुक्रवार को कहा कि ईरान सरकार ने निर्णय लिया है कि सड़कों पर जो भी सरकार का विरोध करता दिखाई दे उसे जख्मी कर दो या तो मार डालो। कहा, आंदोलन के दौरान बहुत से पुरुष, महिलाओं व बच्चों को गैरकानूनी रूप से मार दिया गया। सुरक्षा बल बिना हिजाब वाली महिलाओं की पिटाई कर रहे हैं। एजेंसी ने यह नहीं बताया कि उसे ये दस्तावेज कैसे मिले।

    ईरान पर प्रतिबंध चाहता है जर्मनी

    वहीं, ईरान प्राधिकारियों की ओर से भी कोई बयान नहीं आया है। इस बीच, इरान के एक प्रभावशाली मौलाना मोहम्मद जावेद हज अली अकबरी ने तेहरान में शुक्रवार की नमाज के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षा हमारा अधिकार है, सुरक्षा बलों को बर्बर प्रदर्शनकारियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इस बीच, जर्मनी की विदेश मंत्री ने कहा है कि महसा अमीनी की मौत के बाद वह चाहती थीं कि यूरोपियन यूनियन ईरान पर प्रतिबंध लगा दे।