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    ईरान में रेस्क्यू मिशन: अमेरिका ने क्यों उड़ाए अपने ही दो विमान? US ऑपरेशन की 'बड़ी प्लानिंग' उजागर

    Updated: Sun, 05 Apr 2026 06:48 PM (IST)

    ईरान में फंसे अमेरिकी लड़ाकू विमान के एक क्रू सदस्य को बचाने के लिए अमेरिका ने एक जोखिम भरा सैन्य अभियान चलाया। इस दौरान अमेरिकी सेना को अपने दो MC-13 ...और पढ़ें

    ईरान में रेस्क्यू मिशन अमेरिका ने क्यों उड़ाए अपने ही दो विमान (फाइल फोटो)

    ईरान में रेस्क्यू मिशन अमेरिका ने क्यों उड़ाए अपने ही दो विमान (फाइल फोटो)

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान में फंसे अमेरिकी लड़ाकू विमान के क्रू को बचाने के लिए अमेरिका ने बड़ा और जोखिम भरा सैन्य अभियान चलाया। इस ऑपरेशन में जहां एक ओर क्रू मेंबर को सुरक्षित निकाल लिया गया, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी सेना को अपने ही कम से कम दो विमानों को नष्ट करना पड़ा।

    रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के अंदर चलाए गए इस रेस्क्यू मिशन के दौरान अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस के दो विमान जमीन पर ही उड़ा दिए गए। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में बताया गया कि ये विमान एमसी-130जे थे, जो आमतौर पर गुप्त मिशनों और दुश्मन क्षेत्र से सैनिकों को निकालने के लिए इस्तेमाल होते हैं।

    अधिकारियों ने यह साफ नहीं किया कि ये विमान कैसे फंसे या खराब हुए, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक मिशन के दौरान उन्हें नष्ट करना जरूरी हो गया ताकि वे ईरान के हाथ न लगें।

    अलग-अलग दावे आए सामने

    द न्यूयॉर्क टाइम्स और CBS न्यूज की रिपोर्ट में भी कहा गया कि अमेरिकी सेना ने अपने ट्रांसपोर्ट विमान खुद ही नष्ट किए ताकि दुश्मन उन्हें कब्जे में न ले सके। वहीं, ईरान की तरफ से अलग दावा किया गया। ईरान के सैन्य कमांड के प्रवक्ता ने कहा कि दक्षिण इस्फहान में दो सी-130 विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर मार गिराए गए।

    हालांकि यह साफ नहीं है कि दोनों पक्ष एक ही घटनाओं की बात कर रहे हैं या अलग-अलग। ईरान ने इस ऑपरेशन को असफल बताया। ईरानी सेना के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फाघरी ने कहा कि अमेरिकी रेस्क्यू मिशन पूरी तरह नाकाम रहा और इसमें उनके कई विमान नष्ट हो गए।

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    ट्रंप ने बताया सफल मिशन

    इन दावों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि F-15E लड़ाकू विमान के दूसरे क्रू मेंबर को सुरक्षित बचा लिया गया है और वह अब सुरक्षित है।

    ट्रंप के मुताबिक यह अधिकारी एक कर्नल है और खतरनाक इलाके में फंसा हुआ था, जहां दुश्मन उसकी तलाश कर रहे थे। उसे निकालने के लिए अमेरिका ने कई विमान और अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि इस मिशन की निगरानी शीर्ष सैन्य अधिकारियों और रक्षा नेतृत्व द्वारा लगातार की जा रही थी।

    बड़े स्तर पर चला गुप्त अभियान

    रिपोर्ट्स के अनुसार, बचाया गया क्रू मेंबर वेपन सिस्टम्स ऑफिसर था, जबकि पायलट को पहले ही सुरक्षित निकाल लिया गया था। इस पूरे अभियान में सैकड़ों स्पेशल फोर्स के जवान शामिल थे, जिनमें नेवी सील टीम-6 के कमांडो भी शामिल थे।

    बताया गया है कि दोनों क्रू मेंबर ने विमान से बाहर निकलने के बाद संपर्क किया था। पायलट को कुछ ही घंटों में बचा लिया गया, लेकिन दूसरे अधिकारी को ढूंढने में करीब दो दिन लग गए।

    रेस्क्यू से पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने एक रणनीति के तहत ईरान में गलत जानकारी फैलाई कि अधिकारी को पहले ही निकाल लिया गया है। इसी दौरान उसकी लोकेशन ट्रैक की गई और पुष्टि होने के बाद तुरंत ऑपरेशन शुरू किया गया।

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