अमेरिकी सेना ने ईरान के 60 सैन्य ठिकाने किए तबाह, जंग के बीच सुरक्षित निकाला 1.8 करोड़ बैरल तेल
अमेरिका ने ईरान के साथ छह महीने से अधिक समय से चल रहे युद्ध के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य से 1.8 ...और पढ़ें
HighLights
अमेरिका ने होर्मुज से 1.8 करोड़ बैरल तेल सुरक्षित निकाला।
ईरानी सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी सेना ने एक साथ हमला किया।
40 वाणिज्यिक जहाजों को अमेरिकी सेना ने सुरक्षा दी।
डिजिटल डेस्क, तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को चलते हुए छह महीनों से ज्यादा का वक्त हो गया है। इस जलमार्ग से तेल से भरे टैंकर को पार कराना काफी मुश्किल हो चुका है, लेकिन अमेरिका ने मंगलवार को ईरानी सेना के हमले के बावजूद 1.8 करोड़ बैरल तेल पार कराया।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने मंगलवार, 1 सितंबर को होर्मुज जलडमरूमध्य से लगभग 1.8 करोड़ बैरल तेल ले जा रहे 40 कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा प्रदान की। युद्ध शुरू होने के बाद से ये पहली बार है, जब इतनी मात्रा में तेल होर्मुज से गुजरा है।
अमेरिका ने निकाला 1.8 करोड़ बैरल तेल
सीएनएन से बातचीत में अमेरिकी अधिकारियों ने बताया, 'यह जोखिम भरा ऑपरेशन तब हुआ जब अमेरिकी सेना ने होर्मुज के आसपास लगभग 60 ईरानी सैन्य ठिकानों पर एक साथ हमला किया।'
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया, हमने ड्रोन हमलों की मदद से सुरक्षित किए जा रहे जहाजों की रक्षा की और एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों को नाकाम किया।
युद्ध शुरू होने से पहले, होर्मुज जलडमरूमध्य से हर दिन लगभग 2 करोड़ बैरल तेल गुजरता था, लेकिन लड़ाई शुरू होने के बाद से, इस जलमार्ग से शिपिंग बहुत कम हो गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुए हैं और तेल की कीमतें बढ़ गई हैं।
होर्मुज पर कंट्रोल कर रहा अमेरिका
अमेरिका ने इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए पूरी रणनीति तैयार की थी, जिसका मकसद जलडमरूमध्य पर नियंत्रण रखना, कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा करना और ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना था। इसके लिए अमेरिकी सेना ने कई तरह के हवाई, समुद्री और अंतरिक्ष संसाधनों का इस्तेमाल किया।
अमेरिका ने मंगलवार को ईरान के जिन ठिकानों पर हमला किया, उनमें एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री संसाधन, माइन-बिछाने की क्षमताएं और कम्युनिकेशन साइट्स शामिल थीं।
अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी भी जारी रखी। सेंट्रल कमांड को निर्देश दिया गया कि वह जलडमरूमध्य पर ध्यान केंद्रित करे और ईरानी बंदरगाहों से तेल के निर्यात को रोकें। यह ऑपरेशन कमर्शियल शिपिंग के लिए बढ़ते जोखिमों के बीच हुआ है।
होर्मुज में जहाजों पर हो रहे हमले
सऊदी अरब के झंडे वाले एक कच्चे तेल के टैंकर पर सोमवार को हमला हुआ था और उसमें आग लग गई, जब वह जलडमरूमध्य को पार करने की तैयारी कर रहा था। इसमें फिलीपींस के दो क्रू सदस्यों की मौत हो गई। फिलीपींस के चौदह अन्य क्रू सदस्य बच गए।
ईरान ने खाड़ी में अमेरिकी सहयोगियों पर हमले भी तेज कर दिए हैं। बहरीन ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने बुधवार तड़के ईरान के कई हवाई हमलों को नाकाम कर दिया, जबकि ईरान के सरकारी मीडिया ने बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमलों की खबर दी।
