क्या है होर्मुज जलडमरूमध्य? ईरान की बसी है इसमें जान, दुनिया की 'लाइफलाइन' वाले रास्ते की असली कहानी
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। यह जलडमरूमध्य फारस और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है और दुनिया की 20% तेल आपूर्ति इसी से गु ...और पढ़ें

होर्मुज जलडमरूमध्य क्या है। (रॉयटर्स)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 28 फरवरी 2026 को जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया तो मध्य पूर्व में एक नई जंग का आगाज हो गया। इस युद्ध में इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर जमकर बारूद बरसाया तो जवाब में तेहरान ने ड्रोन और मिसाइलों खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी बेस को निशाना बनाया साथ ही इजरायल पर हमले किए।
हथियारों की जंग के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया और इसकी आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया। वैश्विक ऊर्जा के लिए महत्वपूर्ण इस जलमार्ग के बाधित होने से दुनिया भर में हाहाकार मच गया। तेल की कीमतों में ऐतिहासिक रूप से उछाल आया, जिसका सीधा असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है।
क्या है जलडमरूमध्य?
जलडमरूमध्य एक संकीर्ण जलमार्ग होता है, जो दो बड़े जल निकायों को जोड़ता है। यह आमतौर पर एक ऐसे जलसमूह को परिभाषित करता है जो मुख्यत: दो भू-क्षेत्र के बीच स्थित होता है। इसका उपयोग एक विशेष आर्थिक क्षेत्र में स्थित देशों के बीच समुद्र के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय परिवहन के लिए किया जाता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्या है?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक है। यह फारस खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है। इसकी चौड़ाई करीब 33 किलोमीटर है। दुनिया की तेल सप्लाई का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। इसकी भौगोलिक स्थिति की बात करें तो ये ईरान और ओमान के बीच स्थित है। यहां से रोजाना सैकड़ों की संख्या में टेल टैंकर गुजरते हैं।
खबरें और भी

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों इतना महत्वपूर्ण है?
होर्मुज जलडमरूमध्य के महत्व को इसी बात से समझा जा सकता है कि दुनिया की ऊर्जा सप्लाई का 20 फीसदी यहीं से होकर गुजरता है। रणनीतिक रूप से देखें तो इस जलडमरूमध्य के आठ प्रमुख द्वीपों में से सात को ईरान नियंत्रित करता है, जिससे उसे क्षेत्रीय नौवहन पर निगरानी और प्रभाव का लाभ मिलता है।

ईरान ने युद्ध के बीच इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही को रोककर दुनिया के सामने ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। साथ ही दुनिया को इस जलमार्ग के विकल्प को तलाशने के लिए मजबूर किया है।
यह भी पढ़ें- होर्मुज जलडमरूमध्य खुल गया तो भी नहीं सुधरेंगे हालात, लगेगा लंबा समय; एक्सपर्ट्स ने बताई वजह