पाकिस्तान-सऊदी अरब और तुर्किए के साथ मक्का समझौते में शामिल होगा बांग्लादेश? हुमायूं कबीर के बयान ने दिए संकेत
बांग्लादेश ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए के 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' में शामिल होने का स्पष्ट संकेत दिया है।

मक्का समझौते में शामिल होने को तैयार बांग्लादेश (जागरण)
HighLights
बांग्लादेश मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में शामिल होने को तैयार।
विदेश राज्य मंत्री ने कहा, इसमें कोई जोखिम नहीं है।
यह समझौता पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच है।
डिजिटल डेस्क, ढाका। बांग्लादेश ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' में शामिल होने का साफ संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि मक्का समझौते में शामिल होने में उसे कोई जोखिम नजर नहीं आता है। इससे अन्य साझेदार देशों के साथ ढाका के संबंध प्रभावित नहीं होंगे।
बांग्लादेश का यह बयान ऐसे समय आया, जब मक्का समझौते के तहत पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब की पहली बैठक होने जा रही है।
मक्का समझौते में शामिल होने को तैयार बांग्लादेश
बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उनके इस बयान से कुछ दिन पहले विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने संसद में कहा था कि अगर बांग्लादेश को मक्का समझौते में शामिल होने का निमंत्रण मिलता है तो वह सकारात्मक रूप से इस पर विचार करेगा।
हुमायूं कबीर ने इसे 'हमारे मुस्लिम परिवार' का आंतरिक मामला बताते हुए कहा था कि अन्य लोगों के लिए इस पर चिंता करने की कोई गुंजाइश नहीं है।
कबीर ने बांग्लादेश में सऊदी अरब के राजदूत अब्दुल्ला जफर बिन अबियाह से मुलाकात के बाद विदेश मंत्रालय में पत्रकारों से कहा, 'यह एक अनूठा समझौता है, जो नया अवसर मुहैया कराता है।'
हुमायूं कबीर ने बताया कि बांग्लादेश इस मामले पर फिलहाल चर्चा कर रहा है और सभी द्विपक्षीय साझेदारों के साथ चर्चा सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रही है।
बता दें कि सात अगस्त को पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसके तहत किसी एक सदस्य देश पर हमला सभी सदस्य देशों पर हमला माना जाएगा।
बांग्लादेश का यह बयान ऐसे समय आया है, जब मक्का समझौते की पहली बैठक में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर सोमवार को तुर्किये पहुंचे। मक्का समझौते के तहत गठित रणनीतिक, राजनीतिक और रक्षा समिति की पहली बैठक इस्तांबुल में हो रही है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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