यूरोप में भीषण गर्मी: पिघली सड़कें-बिजली घर बंद... फ्रांस में चार गुना बढ़े कार्डियक अरेस्ट के मामले
यूरोप भीषण गर्मी की चपेट में है, जिससे अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचा और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ...और पढ़ें
HighLights
यूरोप में भीषण गर्मी से अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचा प्रभावित
फ्रांस में परमाणु रिएक्टर बंद, कार्डियक अरेस्ट के मामले बढ़े
इटली, जर्मनी, ब्रिटेन में बिजली-रेल सेवाएं बुरी तरह बाधित
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यूरोप इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। चिलचिलाती गर्मी का असर अब केवल लोगों के स्वास्थ्य पर नहीं पड़ रहा, बल्कि अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे भी इसकी चपेट में आ गये हैं। पश्चिमी यूरोप का रेल नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। सड़के पिघल रही हैं।
फ्रांस में कई परमाणु रिएक्टर बंद कर दिए गए हैं या फिर उनकी क्षमता काफी हद तक घटा दी गई, ऐसा इसलिए क्योंकि ये रिएक्टर नदियों में गर्म पानी छोड़ रहे थे।

कहीं हड़ताल तो कहीं AC खरीदने की होड़
फ्रांस के एक ऑटोमोबाइल प्लॉट में यूनियन नेताओं ने फैक्ट्री फ्लोर पर असहनीय गर्मी का हवाला देते हुए हड़ताल का ऐलान किया है। फ्रांस और इटली में बिजलीघरों के बंद होने से सैकड़ों इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।
Are they blaming their PM/President for the weather change? pic.twitter.com/Ixu3nqRud4
— Mr Sinha (@Mrsinha) June 29, 2026
अगर गर्मी का यह दौर ऐसे ही जारी रहा तो कई यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है और मृत्यु दर भी बढ़ सकती है। शहरों में स्थिति और गंभीर है।

घर-अपार्टमेंट बन रहे भट्ठी
मोटी दीवारों वाली पुरानी इमारतें दिनभर की गर्मी सोखकर रात तक छोड़ती रहती हैं, जिससे अपार्टमेंट भट्ठी जैसे बन गए हैं।
गर्मी से परेशान लोग आधी रात के बाद पार्कों का रुख कर रहे हैं। एयर कंडीशनर खरीदने की होड़ मची है। कई लोग राहत के लिए होटलों में तक ठहर रहे हैं।

कई देशों में तापमान के टूटे रिकॉर्ड
ब्रिटेन, फ्रांस और स्पेन में तापमान के कई रिकॉर्ड टूटे हैं। दुनिया के सबसे तेजी से गर्म हो रहे महाद्वीप की अधिकांश इमारतें और बुनियादी ढांचा ठंडे मौसम को ध्यान में रखकर बनाई गई थी।
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पुराने मकानों में गर्मी सोखने वाली निर्माण सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। उनमें बाहरी शटर जैसी व्यवस्थाएं भी कम हैं, जिससे गर्मी इमारतों के भीतर ही कैद होकर मुश्किलें और बढ़ा रही है।

इन देशों को ज्यादा नुकसान
जर्मन इंश्योरेंस कंपनी अलायंज की रिपोर्ट में इटली, फ्रांस, जर्मनी और स्पेन को गर्मी की वजह से सबसे ज्यादा आर्थिक नुकसान हुआ है। गर्मी की वजह से तापमान इतना बढ़ गया कि फ्रांस में चार परमाणु बिजलीघरों के रिएक्टर तक बंद करने पड़े हैं।
चार गुना बढ़ें कार्डियक अरेस्ट के मामले
फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री स्टीफेनी रिस्ट के अनुसार भीषण गर्मी के चलते कार्डियक अरेस्ट के मामलों में चार गुना की बढ़ोतरी हुई है। पहले 5 से 10 मामले आते थे अब 20 से 30 आ रहे हैं। 2023 की एक स्टडी बताती है कि गर्मी से मौत का खतरा फ्रांस, स्पेन और इटली में ज्यादा है।

जर्मनी, ब्रिटेन में कई ट्रेनें रद
यूरोप में गर्मी बढ़ने से जर्मनी, स्विटजरलैंड और ब्रिटेन में कई ट्रेनें रद करना पड़ी हैं। कुछ अन्य देशों में ट्रेन के ऑनबोर्ड सिस्टम गर्मी नहीं झेल पा रहे हैं।
फ्रांस ने 52 उपायों के साथ पिछले साल 388 पेज की योजना जारी की है। लंदन में इस सप्ताह गर्मी से बचाने का प्लान पेश किया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
🥵 Germany is literally melting in the heat
— NEXTA (@nexta_tv) June 29, 2026
In Leipzig, the extreme temperatures caused the sealant used around tram tracks to melt. It seeped into the rails and track switches before hardening into large clumps.
This is what the record-breaking heatwave is doing to Germany👇 pic.twitter.com/LfbLkCRGml
🥵 It's so hot in Poland that people are frying eggs outdoors
— NEXTA (@nexta_tv) June 28, 2026
In Warsaw, a woman left a frying pan in the sun and, after a while, cooked an egg on it.
Poland is in the grip of an extreme heatwave, with temperatures approaching 40°C in some areas. On the bright side, you can… pic.twitter.com/YKzKdUZhft
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