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    बेटियों के हाथ में यूरोप की कमान, जेंडर-न्यूट्रल कानूनों से शाही परिवारों में कैसे बदल रहे हैं उत्तराधिकार के नियम?

    Updated: Fri, 27 Feb 2026 03:44 PM (IST)

    यूरोप के शाही परिवारों में उत्तराधिकार के नियमों में बड़ा बदलाव आ रहा है, जहां अब बेटियां भी राजगद्दी की पहली उत्तराधिकारी बन सकती हैं। ...और पढ़ें

    यूरोप के शाही परिवारों में कैसे बदल रहे हैं उत्तराधिकार के नियम?

    यूरोप के शाही परिवारों में कैसे बदल रहे हैं उत्तराधिकार के नियम?

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यूरोप के शाही परिवारों में एक बड़ा बदलाव हो रहा है। अब बेटियां भी राजगद्दी की पहली उत्तराधिकारी बन सकती हैं, और यह बदलाव जेन जी की कुछ प्रिंसेस भी रेस आ रही हैं। बेल्जियम की प्रिंसेस एलिजाबेथ, नीलैंड्स की कैथरीना-अमालिया, स्पेन की लियोनोर, और नॉर्वे की इंग्रिड एलेक्जेंड्रा जैसी प्रिंसेस इस बदलाव का नेतृत्व कर रही हैं।

    ये Gen Z राजकुमारियां पुराने बाधाओं को तोड़ रही हैं और यूरोप के राजशाही में महिला लीडरशिप का रास्ता बना रही हैं। उनसे उम्मीद की जाती है कि वे मीडिया के बारे में ज्यादा जानती होंगी, समाज के बारे में जागरूक होंगी और क्लाइमेट चेंज और बराबरी जैसे मॉडर्न मुद्दों से जुड़ी होंगी।

    क्या है एब्सोल्यूट प्राइमोजेनीचर कानून?

    इस बदलाव का कारण एब्सोल्यूट प्राइमोजेनीचर कानून है, जिसके तहत बेटे या बेटी का जन्म क्रम तय करता है कि राजगद्दी किसे मिलेगी, न कि लिंग के आधार पर निर्धारित होगा। स्वीडन ने 1980 में इस कानून को अपनाया था, और अब बेल्जियम, नीलैंड्स, और नॉर्वे जैसे देश भी इसे फोलो कर रहे हैं।

    यूरोप की Gen Z राजकुमारियां

    स्वीडन की प्रिंसेस एस्टेले: प्रिंसेस एस्टेले सिल्विया इवा मैरी का जन्म 23 फरवरी, 2012 को हुआ था। क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया और प्रिंस डेनियल की सबसे बड़ी संतान हैं। वह अपनी मां के बाद स्वीडिश राजगद्दी की दौड़ में दूसरे स्थान पर हैं। एस्टेले जन्म से ही लोगों की नजरों में रही हैं और उन्होंने स्टॉकहोम के कैंपस मनीला में अपनी पढ़ाई शुरू कर दी है। एस्टेले लिंग समानता उत्तराधिकार के लिए स्वीडन की लंबे समय से चली आ रही कमिटमेंट को दिखाती हैं, जिसे 1980 में शुरू किया गया था।

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    स्पेन की प्रिंसेस लियोनोर: प्रिंसेस लियोनोर डी टोडोस लॉस सैंटोस का जन्म 31 अक्टूबर, 2005 को हुआ था, स्पेनिश राजगद्दी की रेस में सबसे आगे हैं। वह किंग फेलिप VI और क्वीन लेटिजिया की बड़ी बेटी हैं। अभी प्रिंसेस ऑफ ऑस्टुरियस का टाइटल रखने वाली लियोनोर पहले ही पूरे आत्मविश्वास के साथ पब्लिक लाइफ में कदम रख चुकी हैं।

    बेल्जियम की प्रिंसेस एलिजाबेथ: प्रिंसेस एलिजाबेथ थेरेसिया मारिया हेलेना का जन्म 25 अक्टूबर, 2001 को हुआ था, बेल्जियम की गद्दी की वारिस हैं। वह किंग फिलिप और क्वीन मैथिल्डे की सबसे बड़ी संतान हैं। देश ने 1991 में जेंडर-न्यूट्रल सक्सेशन को अपनाया, जिससे एलिजाबेथ बेल्जियम के इतिहास में पहली होने वाली क्वीन बनीं।

    नॉर्वे की प्रिंसेस इंग्रिड एलेक्जेंड्रा: क्राउन प्रिंस हाकोन और क्राउन प्रिंसेस मेटे-मैरिट की बेटी प्रिंसेस इंग्रिड एलेक्जेंड्रा हैं। जिनका जन्म 2004 में हुई थी। वह अपने पिता के बाद नॉर्वे की गद्दी की लाइन में दूसरी हैं। नॉर्वे ने 1990 में लिंग समानता सक्सेशन शुरू किया था।

    नीदरलैंड्स की प्रिंसेस कैथरीना-अमालिया: किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा की सबसे बड़ी संतान प्रिंसेस कैथरीना-अमालिया हैं। जिनका जन्म 2003 में हुई थी। नीदरलैंड्स ने 1983 में एब्सोल्यूट प्राइमोजेनीचर को अपनाया, जिससे छोटे भाई-बहनों के बावजूद उनकी पोजीशन सुरक्षित हो गई।