Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ताइवान में एक लाख प्रवासी भारतीय कामगारों को लाने की योजना नहीं, श्रम मंत्री बोलीं- MoU पर नहीं हुए हस्ताक्षर

    By Agency Edited By: Anurag Gupta
    Updated: Sun, 24 Dec 2023 07:41 PM (GMT+05:30)

    ताइवान के श्रम मंत्री सू मिंग-चुन ने शनिवार को कहा कि सरकार की भारत से ताइवान में 100000 से अधिक प्रवासी कामगारों को लाने की कोई योजना नहीं है। उन्हों ...और पढ़ें

    ताइवान में भारतीय कामगारों को लाने की योजना नहीं (फाइल फोटो)
    ताइवान में भारतीय कामगारों को लाने की योजना नहीं (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. ताइवान ने भारत के साथ MoU पर हस्ताक्षर नहीं किए: श्रम मंत्री
    2. यह मुद्दा रोजगार सहयोग के संबंध में निरंतर मूल्यांकन का विषय: सू मिंग-चुन

    एएनआई, ताइपे। ताइवान के श्रम मंत्री सू मिंग-चुन ने शनिवार को कहा कि सरकार की भारत से ताइवान में 1,00,000 से अधिक प्रवासी कामगारों को लाने की कोई योजना नहीं है। उनकी यह टिप्पणी कुओमितांग (KMT) के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होउ यू-इह द्वारा दिए गए बयान के संदर्भ में आई है।

    क्या कुछ बोलीं श्रम मंत्री सू मिंग-चुन?

    सू मिंग-चुन ने कहा कि ताइवान ने प्रवासी श्रमिकों को लाने के लिए भारत के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा रोजगार सहयोग के संबंध में निरंतर मूल्यांकन का विषय है। सू मिंग ने जोर देकर कहा,

    ताइवान द्वारा 100,000 भारतीय श्रमिकों के लिए अपने दरवाजे खोलने की मांग के संबंध में किया गया कोई भी दावा फर्जी है।

    यह भी पढ़ें: 'ताइवान को चीन में जोड़कर...', शी जिनपिंग ने बाइडन को दी थी खुली धमकी, अमेरिका में मची खलबली

    उन्होंने कहा कि ये दावे चुनावी लाभ के लिए लोगों की राय में हेरफेर करने के लिए गलत इरादे वाले लोगों की ओर से किए गए हैं।

    MoU पर कब होंगे हस्ताक्षर

    बकौल रिपोर्ट, होउ यू-इह के अभियान कार्यालय ने शनिवार को कहा कि एचएसयू ने नवंबर में कहा था कि ताइवान और भारत प्रवासी श्रमिकों को लाने के लिए साल के अंत तक एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, 2023 को खत्म होने में चंद दिन ही शेष हैं। ऐसे में एचएसयू को यह स्पष्ट करना चाहिए कि एमओयू पर कब हस्ताक्षर किए जाएंगे? और समझौते के तहते कितने भारतीय श्रमिक ताइवान आएंगे।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें: चीनी गुब्बारे ने पार की ताइवान की सीमा, एक महीने में दूसरी बार हुई ये घटना