मालदीव की गुफा में पांच इटालियन डाइवर्स की मौत, क्या हुआ था अंदर?
मालदीव में 15 मई 2026 को एक खतरनाक गुफा में गोताखोरी के दौरान पांच इतालवी डाइवर्स की मौत हो गई। खोज अभियान के दौरान एक मालदीवियन सैन्य डाइवर की भी जान ...और पढ़ें
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सांकेतिक तस्वीर

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मालदीव के आकर्षक नीले समुद्र, सफेद रेत और लग्जरी रिसॉर्ट्स के नीचे एक खतरनाक अंधेरी गुफा छिपी है। 15 मई 2026 को पांच अनुभवी इटालियन डाइवर्स इसी गुफा में उतरे और कभी वापस नहीं लौटे। उनकी तलाश में लगे मालदीव के सैन्य डाइवर की भी जान चली गई।
कैसे हुई गोताखोरों की मौत?
वावू एटॉल के पास लगभग 47 मीटर की गहराई पर गुफा का मुहाना है, जो 70 मीटर तक नीचे जाती है। पांच डाइवर्स—इंस्ट्रक्टर जियानलुका बेनेडेटी, यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोआ की एसोसिएट प्रोफेसर मोनिका मोंटेफाल्कोने, उनकी बेटी जियोर्जिया सोम्माकाल, मरीन बायोलॉजिस्ट फेडरिको गुआल्टिएरी और रिसर्चर मुरिएल ओडेनिनो लग्जरी यॉट 'ड्यूक ऑफ यॉर्क' से गोता लगाने गए थे।
समुद्र में तेज हवाए और खराब मौसम के बावजूद वे गुफा के अंदर घुस गए। करीब दो घंटे बाद जब वे सतह पर नहीं लौटे तो डिस्ट्रेस सिग्नल दिया गया। पहले प्रयास में बेनेडेटी का शव गुफा के मुहाने पर मिला। बाकी चार की तलाश में कई दिन लगे। आखिरकार तीसरे चैंबर में उनके शव मिले।
खोज अभियान में एक और की मौत
खोज अभियान बेहद खतरनाक रहा। संकरी गलियां, अंधेरा और तेज धाराएं बाधा बनीं। मालदीव कोस्ट गार्ड, फिनिश डाइवर्स (डाइवर्स अलर्ट नेटवर्क) और ब्रिटेन-ऑस्ट्रेलिया के विशेष उपकरणों की मदद ली गई। इस दौरान सीनियर मिलिट्री डाइवर सरदार मोहम्मद महुधी की डिकंप्रेशन सिकनेस से मौत हो गई। उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ दफनाया गया।
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क्या था प्लान और कहां हुई चूक?
मोनिका मोंटेफाल्कोने जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता पर शोध कर रही थीं। मालदीव अथॉरिटीज ने उन्हें 30 मीटर से ज्यादा गहराई तक टेक्निकल डाइविंग की अनुमति दी थी, लेकिन गुफा डाइविंग की जानकारी नहीं थी। यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोआ ने कहा कि यह डाइव उनके ऑफिशियल मिशन का हिस्सा नहीं था, बल्कि व्यक्तिगत थी।
रूसी टेक्निकल डाइवर व्लादिमीर टोचिलोव, जिन्होंने 2014 में इसी गुफा में गोता लगाया था, ने कहा कि यह अत्यंत चुनौतीपूर्ण जगह है। अंदर पूरी तरह से अंधेरा, संकरे रास्ते और दिशाभ्रम का खतरा रहता है। गैस नार्कोसिस (गहराई में नशे जैसा प्रभाव) से डाइवर्स कन्फ्यूज हो जाते हैं।
अथॉरिटीज यॉट का लाइसेंस सस्पेंड कर जांच कर रही हैं। यॉट ऑपरेटर पर डाइव स्कूल लाइसेंस न होने का आरोप है। मौसम की चेतावनी (व्हाइट से यलो अलर्ट) के बावजूद डाइव क्यों की गई, यह भी जांच का विषय है।