यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Maldives के पूर्व राष्ट्रपति ने अपनी सरकार को दिखाया आईना, कहा- भारत हमारा दोस्त
Maldives Former President पूर्व राष्ट्रपति सोलेह ने पोस्ट करते हुए कहा कि मैं मालदीव सरकार के मंत्रियों द्वारा भारत के खिलाफ नफरत भरी भाषा के इस्तेमा ...और पढ़ें

HighLights
- पूर्व राष्ट्रपति सोलेह ने कहा- सदियों पुरानी दोस्ती पर नकारात्मक प्रभाव डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती
- पूर्व मंत्री महलोफ ने कहा- भारतीय मालदीव का बहिष्कार कर देंगे तो हमारी अर्थव्यवस्था चौपट हो जाएगी
पीटीआई, माले (मालदीव)। Maldives Former President मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद और इब्राहिम मोहम्मद सोलेह ने रविवार को इंटरनेट मीडिया पर मंत्रियों द्वारा भारत के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि भारत हमेशा द्वीप राष्ट्र का अच्छा मित्र रहा है।
मंत्री की टिप्पणी को बताया भयानक
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने मंत्री मरियम शिऊना की टिप्पणी को भयानक बताया। उन्होंने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा- ''मालदीव सरकार की एक प्रतिनिधि मरियम शिऊना कितनी खतरनाक भाषा बोल रही हैं। वो भी एक ऐसे प्रमुख सहयोगी देश (भारत) के नेता के लिए, जिससे संबंध मालदीव की सुरक्षा और समृद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मुइज्जू सरकार को इन टिप्पणियों से खुद को दूर रखना चाहिए और भारत को स्पष्ट आश्वासन देना चाहिए कि वे इस तरह की नीति को कतई प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। भारत हमारा अच्छा दोस्त है।''
उधर एक्स पर अपने आधिकारिक हैंडल पर पूर्व राष्ट्रपति सोलेह ने पोस्ट किया- ''मैं मालदीव सरकार के मंत्रियों द्वारा भारत के खिलाफ नफरत भरी भाषा के इस्तेमाल की निंदा करता हूं। भारत हमेशा मालदीव का एक अच्छा मित्र रहा है और हमें इस तरह की कड़ी टिप्पणियां करके दोनों देशों के बीच सदियों पुरानी दोस्ती पर नकारात्मक प्रभाव डालने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।''
पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने भी मोदी के खिलाफ टिप्पणियों को निंदनीय और घृणित बताया। उन्होंने कहा- ''मैं सरकार से इन मत्रियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता हूं। सार्वजनिक हस्तियों को मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। उन्हें यह स्वीकार करना चाहिए कि वे अब इंटरनेट मीडिया एक्टिविस्ट नहीं हैं और उन्हें लोगों और देश के हितों की रक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हमारा घनिष्ठ संबंध आपसी सम्मान, इतिहास, संस्कृति और मजबूत संबंधों से जुड़ा हुआ है।''
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पूर्व खेल मंत्री ने भी निंदा
पूर्व खेल मंत्री अहमद महलोफ ने भी इस विवाद पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा- ' हमारे निकटतम पड़ोसी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर उपजे हालात से मैं बेहद चिंतित हूं। भारतीय अगर मालदीव का बहिष्कार कर देंगे तो हमारी अर्थव्यवस्था चौपट हो जाएगी। हमारे लिए इस तरह के अभियान से उबरना मुश्किल होगा। भारत हमेशा हमारा निकटतम सहयोगी रहा है। हम भारत और भारतीयों से प्यार करते हैं। मालदीव में उनका हमेशा स्वागत है। मैं सरकार से इस मुद्दे को जल्द से जल्द हल करने के लिए गंभीर कार्रवाई करने की मांग करता हूं।''
पूर्व उपराष्ट्रपति अहमद अदीब ने भी मालदीव के कुछ राजनेताओं द्वारा मोदी के प्रति की गई अपमानजनक और नस्लवादी टिप्पणियों की कड़ी निंदा की। उन्होंने लिखा-' हमने आतिथ्य, सहिष्णुता, शांति और सद्भाव के सिद्धांतों के आधार पर मालदीव पर्यटन उद्योग की स्थापना की।
वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और मालदीव के पर्यटन उद्योग और अर्थव्यवस्था की जरूरत को देखते हुए सभी देशों के साथ सकारात्मक संबंधों को बढ़ावा देते हुए मैत्रीपूर्ण और विनम्र दृष्टिकोण बनाए रखना हमारे लिए महत्वपूर्ण है।''
मालदीव नेशनल पार्टी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि वह मोदी के खिलाफ मंत्री द्वारा की गई नस्लवादी और अपमानजनक टिप्पणियों की निंदा करती है। यह अस्वीकार्य है और ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।