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    दो घंटे से ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है भारी, रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

    Updated: Sat, 13 Jun 2026 07:56 PM (IST)

    एक नई स्टडी के अनुसार, जो बच्चे और किशोर प्रतिदिन दो घंटे से अधिक इंटरनेट मीडिया पर बिताते हैं, उनमें अवसाद, चिंता और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का जोख ...और पढ़ें

    बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर इंटरनेट मीडिया का प्रभाव (जागरण)

    बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर इंटरनेट मीडिया का प्रभाव (जागरण)

    HighLights

    1. प्रतिदिन दो घंटे से अधिक इंटरनेट मीडिया उपयोग हानिकारक।

    2. 12-13 वर्ष के बच्चों में सबसे गंभीर प्रभाव।

    3. ऑस्ट्रेलिया ने 16 वर्ष से कम आयु पर प्रतिबंध लगाया।

    डिजिटल डेस्क, मेलबर्न। बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर इंटरनेट मीडिया के प्रभाव को लेकर दुनिया भर में बहस तेज हो गई है।

    ब्रिटेन समेत कई देश अब ऑस्ट्रेलिया की तरह 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों की इंटरनेट मीडिया पहुंच सीमित करने पर विचार कर रहे हैं।

    इसी बीच मेडिकल जर्नल ऑफ ऑस्ट्रेलिया में प्रकाशित एक नई स्टडी ने इस चिंता को और मजबूत किया है। अध्ययन के अनुसार जो बच्चे और किशोर प्रतिदिन दो घंटे से अधिक समय इंटरनेट मीडिया पर बिताते हैं, उनमें अवसाद, चिंता, आत्म-हानि की प्रवृत्ति और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।

    अध्ययन 1,195 छात्रों पर आधारित

    यह अध्ययन मेलबर्न के 1,195 छात्रों पर आधारित है, जिनका 12 से 18 वर्ष की आयु तक लगातार अनुसरण किया गया। शोधकर्ताओं ने पारिवारिक और व्यक्तिगत कारकों को ध्यान में रखते हुए पाया कि प्रतिदिन दो घंटे से अधिक इंटरनेट मीडिया इस्तेमाल करने वाले किशोरों में एक वर्ष बाद मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं विकसित होने की आशंका अधिक थी।

    12-13 वर्ष की आयु के बच्चों में गंभीर प्रभाव

    अध्ययन में सबसे गंभीर प्रभाव 12 से 13 वर्ष की आयु के बच्चों में देखा गया। इस आयु वर्ग में अवसाद, चिंता, खराब मानसिक स्वास्थ्य और आत्म-हानि का जोखिम 14 से 16 वर्ष तथा 17 से 18 वर्ष के किशोरों की तुलना में लगभग दोगुना पाया गया। खासकर लड़कियों में इसका असर अधिक दिखाई दिया।

    शोधकर्ताओं के अनुसार 12-13 वर्ष की 100 किशोरियों में इंटरनेट मीडिया के अत्यधिक उपयोग से लगभग 11 अतिरिक्त मामलों में गंभीर अवसाद के लक्षण देखे गए।

    इससे पहले 2022 में ब्रिटेन की एक स्टडी में भी 11-13 वर्ष की लड़कियों और 14-15 वर्ष के लड़कों में इंटरनेट मीडिया उपयोग बढ़ने के साथ जीवन संतुष्टि घटने की बात सामने आई थी।

    अध्ययन सुरक्षित उम्र तय नहीं करता

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह अध्ययन इंटरनेट मीडिया के लिए कोई सुरक्षित उम्र तय नहीं करता, लेकिन यह जरूर संकेत देता है कि कम उम्र के किशोर इसके दुष्प्रभावों के प्रति अधिक संवेदनशील हैं।

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    इसी कारण ऑस्ट्रेलिया ने पिछले वर्ष 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए इंटरनेट मीडिया प्रतिबंध कानून लागू किया।

    दो हजार से अधिक अभिभावकों पर किए गए एक सर्वे में 59 प्रतिशत माता-पिता ने माना कि इस कानून ने उन्हें बच्चों के लिए नियम तय करने में मदद की, जबकि 39 प्रतिशत अभिभावकों ने इंटरनेट मीडिया अकाउंट की सही उम्र को लेकर अपनी राय बदली और 16 वर्ष को सबसे उपयुक्त आयु बताया।

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