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नेपाल बाढ़ से पहले का नया वीडियो आया सामने, चीनी फोटोग्राफर के ड्रोन में कैदा हुआ ग्लेशियर ढहने के दृश्य

Updated: Mon, 31 Aug 2026 11:56 PM (IST)

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से ठीक पहले लांगतांग लिरुंग चोटी पर ग्लेशियर ढहने का एक वीडियो सामने आया है, जिसे एक चीनी फोटोग्राफर के ड्रोन ने कैद किया।

HighLights

  1. लांगतांग लिरुंग चोटी पर ग्लेशियर ढहने का वीडियो सामने आया।

  2. ड्रोन ने विनाशकारी बाढ़ से ठीक पहले की घटना कैद की।

  3. सद्गुरु ने 5 देशों के हिमालय बोर्ड का सुझाव दिया।

जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से ठीक पहले की एक घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें ग्लेशियर ढहने का पूरा दृश्य कैद हो गया।

यह महज संयोग था कि एक चीनी फोटोग्राफर उस समय ड्रोन से लांगतांग लिरुंग चोटी के आसपास के प्राकृतिक नजारों को कैमरे में कैद कर रहा था। इसी दौरान ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिरने लगा और ड्रोन कैमरे ने इस घटना को रिकॉर्ड कर लिया।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह घटना बुधवार को समुद्र तल से करीब 7200 मीटर की ऊंचाई पर हुई। वीडियो में लांगतांग लिरुंग चोटी से बर्फ और चट्टानों की मोटी परत टूटकर नीचे गिरती दिखाई दे रही है।

इसके बाद बड़ी मात्रा में बर्फ, चट्टान, कीचड़ और मलबा तेजी से नीचे की ओर बढ़ता नजर आता है।ग्लेशियर के ढहने के बाद मलबे का यह सैलाब बेहद तेजी से आगे बढ़ा।

इसके असर से नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही हुई। वायरल हो रहे वीडियो में पहाड़ों से बड़ी मात्रा में मलबा नीचे गिरते हुए देखा जा सकता है।

आपदा से निपटने के लिए बने पांच देशों का हिमालय बोर्ड- सद्गुरु

प्रेट्र के अनुसार, नेपाल में आई विनाशकारी आपदा के बीच आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जगदीश वासुदेव ने हिमालयी क्षेत्र में आपदाओं से निपटने के लिए जल्द से जल्द पांच देशों का एक साझा हिमालय बोर्ड बनाने का सुझाव दिया है। उन्होंने इसमें भारत, चीन, नेपाल, भूटान और पाकिस्तान को शामिल करने की बात कही है।

काठमांडू में नेपाल के साथ एकजुटता जताने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में सद्गुरु ने कहा कि हिमालय क्षेत्र प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से बेहद संवेदनशील है।

ऐसे में इस क्षेत्र से जुड़े देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हिमालय जहां-जहां फैला है, वहां के देशों को मिलकर एक ऐसी संस्था बनानी चाहिए जो आपदा के समय एक-दूसरे की मदद कर सके।

सद्गुरु ने नेपाल के प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में एक करोड़ रुपये दान करने की भी घोषणा की। ईशा फाउंडेशन के मुताबिक, फाउंडेशन से जुड़े 77 तीर्थयात्रियों का बुधवार को आई भयावह आपदा के बाद से पता नहीं चल रहा है। इसके अलावा नेपाल में मौजूदा फाउंडेशन के तीन स्वयंसेवक भी लापता बताए गए हैं।