नेपाल में 100 रुपये पर भंसार, दो मंत्रियों का इस्तीफा और अब सदन स्थगित; बालेन शाह की सरकार में आखिर क्या चल रहा?
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के एक महीने के कार्यकाल में दो मंत्रियों ने इस्तीफा दिया है। वहीं भारत-नेपाल सीमा पर 100 NPR से अधिक के सामान पर भंसार ...और पढ़ें
-1776954909065_m.webp)
बालेन शाह की सरकार में अब तक क्या-क्या हुआ? (फोटो-रॉयटर्स)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बालेन शाह ने नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ 27 मार्च 2026 को ली थी। बालेन शाह को प्रधानमंत्री बने हुए अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ है और इस महीने के अंदर नेपाल में काफी कुछ देखने को मिल रहा है।
बालेन शाह के दो मंत्री इस एक महीने के अंदर अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं भारत-नेपाल बॉर्डर पर भंसक लगाने की वजह से बालेन शाह को विरोध का सामना भी करना पड़ रहा है।
इन सभी बातों के बाद अब नेपाल में आज गुरुवार को संघीय संसद के दोनों सदनों का सत्र बिना बुलाए ही स्थगित कर दिया गया है।

नेपाल में 100 रुपये पर भंसार
बालेन शाह ने सरकार बनाते ही भारत-नेपाल बॉर्डर को लेकर एक ऐसा फैसला ले लिया है, जिसका लोग कड़ा विरोध कर रहे हैं। भारत-नेपाल बॉर्डर पर दशकों से लोग आसानी से एक तरफ से दूसरी तरफ सामान खरीदकर ले जा रहे थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
सरकार के इस आदेश के तहत अगर नेपाल के लोग भारत से 100 नेपाली रुपया से अधिक का सामान खरीदकर ले जाते हैं तो उन पर भंसार (कस्टम ड्यूटी) लगाया जाएगा।
इस फैसले के बाद नेपाल के सीमावर्ती राज्यों के लोग विरोध कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें अब तक इससे पहले सीमा पार करके भारत से सामान ले जाने में कभी कोई दिक्कत नहीं आई थी, लेकिन अब उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है।
भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से भी नेपाल सरकार के फैसले पर रिएक्शन सामने आया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हमें नेपाली अधिकारियों द्वारा एक मौजूदा नियम को लागू किए जाने की रिपोर्ट की जानकारी है।
खबरें और भी
रणधीर जायसवाल ने आगे कहा, 'हम समझते हैं कि नेपाल सरकार ने यह कदम मुख्य रूप से अनौपचारिक व्यापार और तस्करी पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया है।'

बालेन शाह के मंत्रियों ने दिया इस्तीफा
बालेन शाह ने सरकार बनाने से पहले नेपाल में पारदर्शी और भ्रष्टाचार से मुक्त सरकार बनाने का वादा किया था। लेकिन सरकार बनने के एक महीने के अंदर बालेन शाह के दो मंत्रियों का भ्रष्टाचार के मामले में आया, जिसके चलते दोनों मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ा।
सबसे पहले श्रम मंत्री दीपक कुमार साह को स्वास्थ्य बीमा बोर्ड में अपनी पत्नी के लिए पद सुरक्षित करने के लिए अपने पद का दुरुपयोग करने के आरोप में मजबूर होकर पद छोड़ना पड़ा। दीपक कुमार साह ने शपथ लेने के महज 13 दिन बाद ही अपनी ही पार्टी के दबाव के चलते इस्तीफा दे दिया।
दीपक कुमार साह के बाद नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने भी भ्रष्टाचार के मामले में नाम आने के बाद इस्तीफा दे दिया। सुदन गुरुंग, बालेन शाह के सबसे बड़े सहयोगी माने जाते हैं। गुरुंग के इस्तीफे के बाद बालेन शाह ही गृह मंत्रालय संभाल रहे हैं।
सुदन गुरंग पर आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप लगे हैं। गुरुंग का नाम दीपक भट्ट के साथ भी जुड़ रहा है, जिन पर मनी लॉन्ड्रिंग केस चल रहा है।
गुरुंग ने गृह मंत्री के पद से इस्तीफा देते हुए कहा, 'मेरे लिए पद से ज्यादा नैतिकता मायने रखती है। जनता के विश्वास से बड़ी कोई शक्ति नहीं है। नागरकों के उठाए गए सवालों का जवाब नैतिक ईमानदारी के साथ दिया जाना चाहिए।'

नेपाल में संसद स्थगित
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने गुरुवार को संघीय संसद के दोनों सदनों का सत्र बिना बुलाए ही स्थगित कर दिया है। इससे पहले पौडेल ने 21 अप्रैल को कैबिनेट की सिफारिश पर 30 अप्रैल के लिए संसदीय सत्र बुलाने का आदेश दिया था।
सत्र स्थगित करने के पीछे के कारणों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है। संसद के सबसे वरिष्ठ सदस्य और नेपाली कांग्रेस के नेता अर्जुन नरसिंह के.सी. ने कहा कि सरकार का संसद सत्र को बिना बुलाए ही स्थगित करने का फैसला आश्चर्यजनक है।